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Raebareli News: नए स्मार्ट मीटर लगे... पर कहां गए पुराने

Mon, 09 Jun 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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शहर में लगाए गए स्मार्ट मीटर को देखते अ​भियंता।
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रायबरेली। जिले में उपभोक्ताओं के घरों पर लगे पुराने इलेक्ट्राॅनिक मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। पर आठ हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके घरों पर स्मार्ट मीटर तो लगा दिए गए लेकिन पुराने इलेक्ट्राॅनिक मीटरों को विभाग में जमा नहीं किया गया। ऐसे में ये उपभोक्ता बीते दिसंबर से बिल नहीं जमा कर पा रहे हैं। इन्हें डर है कि एकदम से बिल आने पर वह इसे कैसे जाम करेंगे।
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जिले के आठ हजार उपभोक्ताओं के घरों पर लगाए गए इलेक्ट्राॅनिक मीटर गायब हो गए हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान इसका खुलासा हुआ। ऐसे में अब उपभोक्ताओं के बिल जमा नहीं हो पा रहे हैं। उपभोक्ता परेशान हैं कि उन्हें कहीं ज्यादा बिल न थमा दिया जाए। विभाग में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच शुरू हो गई है।

जिले में करीब पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनके यहां इलेक्ट्राॅनिक मीटर लगे हैं। हर महीने रीडिंग लेकर बिल निकालना पड़ रहा है। इसके लिए मीटर रीडर रखे गए हैं। रीडरों की मनमानी से उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल मिल रहे हैं। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
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अब तक करीब 40 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसमें करीब 32 हजार मीटर टेस्ट डिवीजन में जमा कर दिए गए हैं। इन उपभोक्ताओं के बिल स्मार्ट मीटर से बनने लगे हैं। लेकिन आठ हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके यहां से पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए गए पर पुराने मीटरों को टेस्ट डिवीजन में जमा नहीं किया गया।

जोशियाना पुल के पास रहने वाले दिलीप जोशी, बैजनाथ, मोनू, सविता ने बताया कि दिसंबर में पुराने मीटर हटाकर नए मीटर लगाए गए हैं। इसके बाद से बिजली बिल नहीं बना। अभियंताओं के पास शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह समस्या पूरे जिले में है। अभियंता भी कुछ नहीं कर रहे हैं।

सलोन में हुई थी एफआईआर, गैंग सक्रिय
जिले में कई बार मीटर की मशीन बदलने व रीडिंग में हेरफेर करने के कई मामले सामने आए। सलोन क्षेत्र में एक मीटर रीडर के यहां बड़ी मात्रा में मीटर बरामद किए गए थे। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। आठ हजार मीटर गायब होने के पीछे कौन सा गैंग सक्रिय है, अभियंता इसका पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस खेल में कई विभागीय कर्मचारी शामिल हैं, जिसकी वजह से यह खेल काफी समय से चल रहा है।

काम के प्रति ढिलाई
जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से जयपुर की एक एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी ने जिले स्तर के कई ठेकेदारों को काम देकर औपचारिकता कर रही है। स्थानीय ठेकेदार दागी मीटर रीडरों से स्मार्ट मीटर लगवाने का काम करा रहे हैं। यही वजह है कि मीटरों में हेरफेर किया जा रहा है।

इलेक्ट्राॅनिक मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। पुराने मीटरों को टेस्ट डिवीजन में जमा करना है। अब तक मीटर क्यों नहीं जमा किए गए हैं। किस स्तर पर लापरवाही बरती गई है, इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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- नेकी राम, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन
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