रायबरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दवा की परची पकड़ में आने के बाद सीएमएस पर गंभीर आरोप लगाने वाले इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर (ईएमओ) डॉ. संतोष सिंह समेत 10 स्वास्थ्य कर्मियों का नाम लखनऊ भेजा गया है। आईसीयू की सुविधा मुहैया कराने के लिए सभी को तीन माह का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण का काम पूरा होने के बाद मरीजों को आईसीयू की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने जिला अस्पताल में मरीजों को आईसीयू की सुविधा देने के आदेश दिए हैं। इसके लिए दो चिकित्सकों समेत 10 लोगों के नाम प्रशिक्षण के लिए भेजने के आदेश दिए गए थे। इसी बीच बीती बृहस्पतिवार की रात इमरजेंसी में सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बाजार से खरीदने के लिए लिखी गई दवा की परची पकड़ ली। इसके बाद काफी देर तक हंगामा चला।
सीएमएस पर गालियां देने तक का आरोप लगाया गया। ईएमओ डॉ. संतोष सिंह ने डीएम और एसपी को शिकायतीपत्र देकर कई आरोप लगाते हुए सीएमएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। आईसीयू के प्रशिक्षण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की सूची बनाई गई है। इसमें सीएमएस के खिलाफ शिकायत करने वाले ईएमओ डॉ. संतोष सिंह को भी शामिल किया गया। इसके अलावा डॉ. रोशन सिंह को भी प्रशिक्षण में भेजा गया।
फार्मासिस्ट संदीप कुमार, ब्रज नारायण, स्टाफ नर्स अर्जिता शुक्ला, मीनू, रेनू, निरुपम सोनिया विक्टर, लैब टेक्नीशियन अखिलेश व शैलेंद्र को भी प्रशिक्षण के लिए नाम भेजा गया है। सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि दो डॉक्टरों समेत 10 स्वास्थ्यकर्मियों के नाम महानिदेशक को भेज दिया गया है। तारीख तय होने के बाद प्रशिक्षण लखनऊ में होगा।