रायबरेली। ओवरलोड वाहनों को पास कराने के लिए सिंडीकेट विधायक मार्का कोड का इस्तेमाल कर रहे थे। फोन पर विधायक मार्का आने की आवाज सुनकर ही दलाल ओवरलोड वाहनों को पास करा देते थे। कोड का प्रयोग दलाल पुलिस व एसटीएफ से बचने के लिए कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि इसी कोड का नतीजा रहा कि रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी में लंबे समय से ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का खेल चल रहा था, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लग पाई।
पुलिस की जांच में अवैध वसूली के खेल में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दलाल महेंद्र प्रताप सिंह व जितेंद्र सरोज के पास से 29 वाहनों की जो सूची मिली है, उसमें विधायक मार्का लिखा है। बताते हैं कि ज्यादातर गाड़ियों में विधायक मार्का का निशान बना दिया जाता था। जिन वाहनों में विधायक मार्का नहीं लिखा होता था, उन्हें संबंधित स्थानों पर तैनात दलालों को विधायक मार्का कोड बताकर वाहनों को पास कराया जाता था।
खास बात यह है कि रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी के सरकारी कर्मचारियों के अलावा मौरंग, मोटरमालिक, खनिज ठेकेदार समेत गिट्टी, बालू का व्यवसाय करने वाले लोग गिरोह से जुड़े थे। जिस तरह अवैध वसूली के सिंडीकेट का खुलासा हो रहा है, इसमें शामिल दलालों पर शिकंजा कसना मुश्किल है। पुलिस व एसटीएफ की सख्ती से उम्मीद है कि इस गिरोह पर आगे और शिकंजा कसा जाएगा।
अवैध वसूली में शामिल हैं 14 जिलों के दलाल
एसटीएफ और पुलिस की जांच में अब तक रायबरेली, फतेहपुर, कौशाबी, फतेहपुर, हमीरपुर, बांदा, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, बाराबंकी और सुल्तानपुर, लखनऊ, उन्नाव, फतेहपुर जिलोंं के दलाल ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का खेल कर रहे थे।
भ्रष्टाचार नहीं होगा बर्दाश्त : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव कुमार सिन्हा का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का गिरोह बहुत लंबा है। इसका विस्तार कहां तक है और इस खेल को संचालित करने वालों के बारे में पड़ताल चल रही है। इस कार्य में लिप्त परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों को बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।