एम्स में लगाई गई एमआरआई जांच की मशीन।
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमआरआई मशीन को इंस्टाल करने का काम मंगलवार को पूरा हो गया। जिले स्तर पर एक सितंबर से लोगों को सस्ते रेट पर इस जांच की सुविधा मिलेगी। लोगों को एमआरआई जांच के लिए मात्र ढाई हजार रुपये खर्च करने होंगे, जबकि निजी क्षेत्र में लोगों को एमआरआई जांच में कई पांच हजार रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करनी पड़ रही है।
जिले में अब तक एमआरआई जांच की सुविधा सरकारी व निजी क्षेत्र में न होने के कारण मरीजों को भटकना पड़ रहा था। जांच के लिए लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज आदि जिलों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। जांच में लोगों को जेब भी ढीली करनी पड़ रही थी।
अब एम्स में यह जांच एक सितंबर से शुरू हो जाएगी। एम्स के रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी के प्रयास से एम्स में एमआरआई मशीन इंस्टाल हो गई है। एक सितंबर से एमआरआई जांच की सुविधा मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगा।