लालगंज। गल्ला व्यापारी सुखदेव लोधी की हत्या से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार सुबह हंगामा किया। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही थी, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने किसी तरह उन्हें समझाया। वहीं, हत्या के विरोध में व्यापारियों ने महरानीगंज बाजार को बंद प्रदर्शन किया। चेताया कि जल्द खुलासा नहीं हुआ तो एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नगर अध्यक्ष विवेक शर्मा, महारानीगंज व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह, प्रदेश मंत्री मृत्युंजय वाजपेयी, जिला महामंत्री अप्पू शर्मा और नगर महामंत्री शिवम गुप्ता ने कहा कि घटना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। इसी के बहाने बीट पुलिसिंग व रात्रि गश्त की भी पोल खुल गई है। व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। इस मौके पर दुर्गा सिंह राठौर, डॉ. ओमप्रकाश शुक्ला, हरिशंकर गुप्ता भी मौजूद रहे।
आंखों के सामने पिता की हत्या से बच्चे बदहवास
आंखों के सामने पिता सुखदेव की हत्या से बेटा आयुष (14), अयांश (8), बेटी रागिनी (20), शालिनी (17) बदहवास हैं। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि बदमाश मम्मी-पापा को मार रहे थे। डर के मारे हम लोगों ने दरवाजा भीतर से बंद कर लिया था। चाचा को फोन किया तो बदमाश भाग गए। बदमाश मम्मी-पापा को बार-बार चुप रहने की धमकी दे रहे थे। सुखदेव चार भाई व तीन बहनों में सबसे छोटे थे। बहनें सावित्री, सुनीता और उर्मिला की शादी हो चुकी है। बेटे की हत्या और बहू के घायल होने से पिता के आंसू नहीं थम रहे हैं।
निर्माणाधीन मकान के जरिए गल्ला व्यापारी तक पहुंचे थे बदमाश
सुखदेव के घर से तीसरा मकान निर्माणाधीन है। छत पड़ गई है। जीना बना है। उसी निर्माणाधीन मकान से बदमाश सुखदेव के घर के करीब वाले दूसरे मकान पर पहुंचे और फिर गल्ला व्यापारी के छत पर चढ़ गए। मौके पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह, एएसपी संजीव कुमार सिन्हा, सीओ लालगंज गिरजाशंकर त्रिपाठी भी पहुंचे। घटनास्थल पर हत्या की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत भी जुटाए।
315 बोर के तमंचे से सटाकर मारी गोली
पुलिस के मुताबिक गल्ला व्यापारी और पत्नी पर बदमाशों ने 315 बोर के तमंचे से फायरिंग की है। सुखदेव के पेट, सीने और गले में गोली मारी है। बदमाशों ने पत्नी के पेट में भी दो गोली मारी है। सुखदेव के गले पर चाकू से एक के बाद एक करीब सात वार किए। पत्नी का एम्स में ऑपरेशन करके गोली निकाली गई है। भाई आनंदपाल लोधी का कहना है कि सुखदेव की किसी से कोई रंजिश नहीं थी।
पूरा परिवार निशाने पर था : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि घटना के तरीके को देखकर लग रहा है कि बदमाशों के निशाने पर पूरा परिवार था। यह किसी रंजिश, रुपयों के लेनदेन या फिर अन्य किसी वजह से किया गया, इसका जल्द पता लगा लिया जाएगा। लालगंज, खीरों व गुरुबख्शगंज पुलिस जांच में जुटी है।
बदमाशों से भिड़ी पर बचा न सकी सुहाग
रायबरेली। महरानीगंज में सोमवार रात गल्ला व्यापारी के घर में घुसकर बदमाशों ने 25 मिनट तक हैवानियत की। पहले व्यापारी पर चाकुओं से हमला किया। यह देख पत्नी सरोजनी देवी उन्हें बचाने दौड़ीं तो उन्हें भी घायल कर दिया। सरोजनी देवी ने पति को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह अपने सुहाग को बचा नहीं सकीं।
वारदात के समय बच्चे कमरे में थे। सरोजनी देवी को बदमाशों ने चाकू से हमला करके दो गोली मार दी थी। पति बदमाशों से भिड़े थे। फायरिंग की आवाज और शोर सुनकर बेटियों ने चाचा आनंदपाल लोधी को फोन मिलाया, लेकिन मोबाइल में बैलेंस नहीं था। ऐसे में चाचा को फोन नहीं कर पाईं। इसी दौरान खून से लथपथ सरोजनी ने कमरे के पास पहुंचकर खिड़की से बेटियों को अपना मोबाइल थमा दिया। मां के मोबाइल से फोन करने के बाद चाचा और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक बदमाशों ने सुखदेव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
तो उन्नाव की तरफ भागे हैं बदमाश
महरानीगंज के लोगों का कहना है कि उनके गांव में इस तरह की पहली घटना है। सेमरी-सरेनी रोड पर महरानीगंज गांव पड़ता है। सड़क के किनारे बने में मकान में सुखदेव परिवार समेत रहते थे। यह गांव रायबरेली-उन्नाव की सीमा पर है। महरानीगंज से उन्नाव जिला करीब एक किमी दूर है। ऐसे में वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों के उन्नाव की तरफ भागने की आशंका जताई जा रही है।
मूलरूप से रामनगर मजरे खरगापुर के थे रहने वाले
जिस तरह घटना हुई, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि बदमाश सुखदेव और उनके परिवार का खात्मा करना चाहते थे। बच्चे यदि दरवाजा खोल देते तो उन्हें भी मार देते। गांव के 65 वर्षीय विश्राम लोधी, 60 वर्षीय हरिश्चंद्र लोधी कहते हैं कि सुखदेव मूलरूप से रामनगर मजरे खरगापुर गांव के रहने वाले थे। करीब 12 साल पहले महरानीगंज में आकर परिवार समेत रहने लगे थे। वह गल्ला की खरीद-फरोख्त करते थे। किसी से रंजिश नहीं थी। पता नहीं यह सब कैसे हो गया।
तो किसी बात से चिढ़े थे बदमाश
जिस तरह घटना हुई, उससे आशंका जताई जा रही है कि बदमाश सुखदेव और उनके परिवार से किसी बात को लेकर चिढ़े थे। यही वजह रही कि बदमाशों ने घटनास्थल पर पहुंचते ही सुखदेव और पत्नी पर पहले चाकू से हमला किया। दोनों का दबाव बढ़ा तो बदमाशों ने गोली मार दी। मंगलवार को परिजनों की आंखों से निकल रहे आंसू बदमाशों की बर्बरता को बयां कर रहे थे। गांव में सन्नाटा था।
परिवार से मिले विधायक
हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी मंगलवार शाम को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को ढाढ़स बंधाया। पुलिस अफसरों से जल्द घटना का खुलासा करने के लिए कहा।