रायबरेली। बदलते मौसम में लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को तीन दिन के अवकाश के बाद जब जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। परचे से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों की लंबी कतार लगी। यही स्थिति जिले की विभिन्न सीएचसी में भी रही।
मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। धूप इस कदर तेज है कि अगस्त में अप्रैल जैसी गर्मी हो रही है। लोग सुबह से रात तक उमस से परेशान रहते हैं। इस दौरान ठंडा पानी और शीतल पेय पीने से तबीयत खराब हो रही है। इस समय वायरल फीवर, दस्त, बुखार और गले में परेशानी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ दिखी। पर्चा काउंटर के आंकड़ों के मुताबिक करीब 2000 मरीजों ने इलाज कराया। सुबह आठ बजे से पर्चा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी लाइन लग गई। दोपहर तक मरीज आते रहे। दवा के लिए काउंटर पर एक घंटे मरीजों को इंतजार करना पड़ा। बछरावां और हरचंदपुर सीएचसी में भी मरीजों की अधिक भीड़ रही है।
सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि इस समय उमस अधिक हो रही है, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं। लोग खानपान में एहतियात बरतें। धूप से आकर ठंडा पानी न लें। तले पदार्थों से परहेज करें। भरपेट भोजन की जगह पेट को हल्का रखा जाए। इससे पेट संबंधी बीमारियों से बचाव होगा। ठंडा और गर्म पदार्थों का सेवन एक साथ न किया जाए, इससे जुकाम, बुखार होने की आशंका अधिक रहती है।
चिकित्सक बाहर की लिख रहे दवा, मरीज परेशान
रायबरेली। जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को उमरामऊ गांव के हरीश कुमार ने बताया कि वह गांठों के दर्द से परेशान हैं। लगातार जिला अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, सोमवार को फिर वह दवा लेने आए थे तो चिकित्सक ने बाहर की दवा खरीदने के लिए पर्ची लिख दी।
पर्चे में भी कैल्शियम की दवा लिखी है, लेकिन वह नहीं मिली। बाहर की दवा की कीमत 360 रुपये है। वह उतने रुपये नहीं खर्च कर सकते हैं। हरचंदपुर सीएचसी में इलाज कराने के लिए आई बरगदहा निवासी संपाता ने बताया कि उनके पर्चे पर बाहर की दवाई लिख दी है, जिसे लेने में वह असमर्थ हैं।
सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई चिकित्सक ऐसा करता हुआ पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।