रायबरेली। ऊंचाहार कस्बा स्थित रेलवे क्राॅसिंग में अंडरपास बनने से जल्द ही 10 हजार लोगों को आवागमन में आसानी होगी। खाली पड़ी जमीन पर लोग आशियाना बनाकर रहने के साथ ही दुकानें खोलकर रोजगार कर सकेंगे। अंडरपास में करीब छह करोड़ रुपये खर्च होंगे।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऊंचाहार कस्बे में ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया। इसके नीचे से रेलवे लाइन गुजरी है। इससे स्थानीय लोगों को ओवरब्रिज से निकलना पड़ रहा है। ओवरब्रिज के नीचे सर्विस रोड तो बनी है, लेकिन बीच में रेलवे क्रॉसिंग होने के कारण लोग नहीं निकल पाते हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होता है। स्कूली बच्चों को ओवरब्रिज से निकलना पड़ रहा है। इससे हादसे का डर बना रहता है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र मौर्य की अगुवाई में व्यापारियों ने कई बार रेलवे क्राॅसिंग खोलने या अंडरपास बनाने की मांग की थी। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों ने संज्ञान लिया। शनिवार को विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने शिलान्यास किया। शिलान्यास के बाद से नगर के व्यापारियों में खुशी की लहर है।
16 मीटर लंबा व चार मीटर चौड़ा होगा अंडरपास
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अंडरपास बनाने में करीब छह करोड़ की लागत आएगी। अंडरपास 16 मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा व तीन मीटर ऊंचा होगा। अंडरपास के रास्ते से कार, बाइक, ई रिक्शा समेत छोटे वाहनों के साथ पैदल राहगीर भी निकल सकेंगे। ट्रक व बस जैसे बड़े वाहनों को ओवरब्रिज के रास्ते ही निकाला जाएगा। सहायक मंडल अभियंता पवन कुमार ने बताया कि जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
आवागमन में होगी आसानी
व्यापारी नेता राजू सोनी, मो. असलम, एजाज अहमद, हरिशंकर साहू, नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि अंडरपास बनने से ओवरब्रिज का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नगर में कोतवाली रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। विभिन्न स्कूलों के लगभग दो हजार बच्चों को भी राहत मिलेगी। सर्विस रोड के किनारे लोग दुकान खोलकर कारोबार कर सकेंगे।