गुरप्रीत सिंह बावा, न्यायाधीश एमएसीटी।
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रायबरेली। मोटर दुर्घटना दावों के मुकदमों की सुनवाई अब जिले स्तर पर फटाफट होगी। जिले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) न्यायालय के जज गुरप्रीत सिंह बावा ने ज्वाइन कर लिया है। कोर्ट के लिए सहायक लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक सहित पांच पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पदों की व्यवस्था होते ही सदर तहसील के पुराने भवन में न्यायालय काम करना शुरू कर देगा।
प्रदेश सरकार काफी समय से जिले में एमएसीटी न्यायालय खोलने के प्रयास में है। जिले स्तर पर भवन की व्यवस्था न हो पाने के कारण कोर्ट शुरू नहीं हो सकी थी। नए भवन में सदर तहसील के पहुंचने के बाद एसडीएम सदर के कार्यालय और कोर्ट में एमएसीटी न्यायालय खोलने के लिए प्रक्रिया पिछले साल के मार्च महीने से ही शुरू हो गई थी। जिला प्रशासन ने भवन व अन्य संसाधनों के उपलब्ध होने की रिपोर्ट भी शासन को दी थी।
अभी तक दीवानी न्यायालयों में ही मोटर दुर्घटना के दावों की सुनवाई हो रही है। शासन ने एमएसीटी न्यायालय के लिए जज की तैनाती कर दी है। जज गुरप्रीत सिंह बावा ने यहां आकर ज्वाइन भी कर लिया है। साथ ही उन्होंने सहायक लेखाकार व कनिष्ठ लिपिक सहित पांच पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले न्यायालय में काम कर चुके रिटायर्ड कर्मचारी ही इन पदों पर भर्ती किए जाएंगे।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल न्यायालय जल्द ही काम करना शुरू करेगा। कर्मचारियों के पांच पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिसंबर माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी कराकर मुकदमों की सुनवाई का काम शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। -गुरप्रीत सिंह बावा, न्यायाधीश एमएसीटी