जिले में सराफा व्यवसायियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि वैवाहिक कार्यक्रम के चलते सामाजिकता निभाने के लिए 29 अप्रैल तक ही दुकानदारों ने बंदी न करने का एलान किया है। इसके बाद यदि मांग पूरी नहीं होती तो फिर से बेमियादी हड़ताल शुरू हो जाएगी।
मंगलवार को कई दुकानदारों ने दुकानें खोल दी। बुधवार को पूरी तरह से दुकानें खोलने की बात कही जा रही है। दुकानें खोलने से लोगों को जेवरात खरीदने में राहत मिल सकेगी। एक्साइज ड्यूटी के विरोध में जिले भर के सराफा दुकानदार हड़ताल पर चल रहे थे।
एक महीने से अधिक समय से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त कर दी गई। सराफा संघ के अध्यक्ष प्रदीप त्रिवेदी ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम अधिक पड़ रहे हैं। इसलिए सामाजिकता निभाने के चलते 29 अप्रैल तक हड़ताल समाप्त कर दी गई है।
यदि इसके बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया जाता तो फिर से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। दिलीप वर्मा महामंत्री, संरक्षक इंद्र कुमार वर्मा व कृष्णाकांत त्रिपाठी का कहना है कि लोगों को बंदी से परेशानी हो रही थी। इसलिए दुकानें खोली गई हैं।
मांगों को लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। केंद्र सरकार को उनकी मांग पूरी करनी होगी। चूंकि मंगलवार को शहर में वैसे भी बंदी रहती है। इससे अधिकतर दुकानें बंद रही। इक्का-दुक्का ही सराफा की दुकानें खोली। बुधवार को पूरी तरह से सराफा की दुकानें खुलेंगी। इससे लोगों को जेवरात खरीदने में परेशानी नहीं होगी।