रायबरेली। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जिले में स्वयं सर्वे कर आवास मांगने वालों की जांच चल रही है। टीमों ने अब तक 4691 लोगों की जांच पूरी कर ली है। इनके सर्वे सही पाए गए हैं। टीमों को चार दिन में सर्वे का सत्यापन कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में तमाम ऐसे लोग हैं, जो आज भी कच्चे घरों में हर रहे हैं। शासन की मंशा है कि सभी लोगों के पास अपनी छत हो। इसके लिए सर्वे कराया गया। जिले में 95,976 लोगों का सर्वे किया गया है। इसमें 13,685 लोगों ने स्वयं ही सर्वे का काम पूरा किया है। स्वयं सर्वे करने वाले लोगों की पात्रता की जांच सर्वेयर को दी गई है।
जिले के अमावां में 544, बछरावां में 208, छतोह में 578, डलमऊ में 362, दीनशाह गौरा में 395, डीह में 360, हरचंदपुर में 103, जगतपुर में 941, खीरों में 931, लालगंज में 457, महराजगंज में 2204, राही में 929, रोहनियां में 81, सलोन में 2306, सरेनी में 1452, सतांव में 131, शिवगढ़ में 25 और ऊंचाहार में 1678 लोगों ने स्वयं ही सर्वे करके प्रधानमंत्री आवास मांगा है।
स्वयं सर्वे करके आवास मांगने वाले लोगों की पात्रता की जांच की जा रही है। अब तक किए गए स्वयं के सर्वे में 4691 लोगों की पुष्टि सर्वेयरों ने कर दी है। सूची में बचे शेष लोगों का सत्यापन करके जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं, जिससे प्रक्रिया पूरी कराकर आवास आवंटन के लिए पात्रता सूची तैयार की जा सके।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक सतीश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए स्वयं सर्वे करने वाले लोगों की पात्रता की जांच सर्वेयर कर रहे हैं। चार दिन में जांच पूरी करके सर्वेयरों को रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।