रायबरेली। जिले में जीएसटी की चोरी करने वाले जालसाजों ने फर्जीवाड़े की हद पार कर दी है। राज्यकर विभाग से फर्म निलंबित किए जाने के बाद जालसाल ने बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जनरेट करते हुए दिल्ली की शिव इंटरप्राइजेज के साथ काम शुरू कर दिया। शातिर ने 57.35 करोड़ की आपूर्ति दिखाकर 10.76 करोड़ की आईटीसी ट्रांसफर करा ली। जांच में मामले की पुष्टि होने के बाद सहायक आयुक्त ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के डॉ. रमाकांत पांडेय मार्ग सत्यनगर निवासी रमेशचंद्र ने राजधानी इंटरप्राइजेज के नाम से बीती चार जनवरी को राज्यकर विभाग से जीएसटीएस प्राप्त किया था। विभाग की टीम ने 15 फरवरी को स्थल की जांच की तो कोई भी मौके पर नहीं मिला। फर्जीवाड़े की आशंका होने के बाद 24 फरवरी से राजधानी इंटरप्राइजेज फर्म को सस्पेंड कर दिया गया।
रिटर्न फर्म निलंबित होने के बाद जालसाज ने फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जनरेट करते हुए दिल्ली की शिव इंटरप्राइजेज के साथ काम शुरू कर 57.35 करोड़ की सप्लाई दिखाकर 10.76 करोड़ की आईटीसी को ट्रांसफर करा लिया।
जांच में बिना माल की आपूर्ति किए ही फर्जी आईटीसी तैयार करने की पुष्टि हो गई। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि फर्म संचालक ने पंजीयन के लिए फर्जी बिजली बिल भी लगाया था। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद राज्यकर विभाग प्रथम खंड के सहायक आयुक्त रीतेश बर्नवाल ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर रमेशचंद्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। शहर कोतवाल राजेश सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करा दी गई है। जल्द ही जालसाज को पकड़ा जाएगा।
दिल्ली की फर्म पर भी कसेगा शिकंजा
राजधानी इंटरप्राइजेज के संचालकों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के बाद राज्यकर विभाग के अधिकारी दिल्ली की शिव इंटरप्राइजेज पर भी शिकंजा करने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जल्द ही दिल्ली की फर्म के दस्तावेजों की जांच करने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी। राज्यकर विभाग के सहायक अभियंता रीतेश बर्नवाल का कहना है कि राजधानी इंटरप्राइजेज के संचालक पर मुकदमा किया गया है। दिल्ली के शिव इंटरप्राइजेज के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।