जिले में शस्त्र लाइसेंस रिन्यूवल के नाम पर रुपये वसूले जा रहे हैं। हेड आरमोरर की ओर से रिन्यूवल के नाम पर रुपये वसूलने का फोटो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि आरआई के शह पर अरसे से यह खेल चल रहा है।
चढ़ावा देने पर ही शस्त्रधारक को फिट घोषित कर उसका लाइसेंस रिन्यूवल किया जाता है। ऐसा न करने पर शस्त्रधारक को अनफिट कर दिया जाता है। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने जांच के आदेेश दिए हैं।
पुलिस लाइंस परिसर में फायर रेंज बनाया गया है। पहले फायर रेंज में शस्त्र धारक से निशाना लगाया जाता है और इसमें पास होने पर ही लाइसेंस रिन्यूवल किया जाता है। हर रविवार को पुलिस लाइस में लाइसेंस रिन्यूवल कराया जाता है।
रिन्यूवल के आड़ में शस्त्रधारकों से रुपये वसूले जा रहे हैं। यह कार्य आरआई और हेड आरमोरर के शह पर हो रहा है। बकायदा इसकी फोटो वायरल हो गई है, जिसमें हेड आरमोरर रामवृक्ष की ओर से शस्त्रधारकों से रुपया वसूला जा रहा है।
शस्त्रधारकों की मानें तो 500 से लेकर दो हजार रुपये तक लाइसेंस रिन्यूवल के नाम पर वसूले जा रहे हैं। ऐसा न करने पर अनफिट घोषित कर दिया जाता है। चढ़ावा दे दिया गया तो फिर फायर रेंज में हिस्सा लो या न लो, सब ओके कर दिया जाता है।
मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने पूरे प्रकरण के जांच के आदेश दिए हैं। उधर, आरआई राजवीर सिंह का कहना है कि लाइसेंस रिन्यूवल के नाम पर कोई धन नहीं लिया जा रहा है। झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
एसपी विनय यादव का कहना है शस्त्र लाइसेंस रिनीवल के नाम पर 300 रुपये फीस पड़ती है। फीस से अधिक धन वसूले जाने की बात सामने आई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।