रायबरेली। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार को धूमधाम के साथ हुआ। इस दौरान अबीर गुलाल उड़ाते हुए भक्तों की टोलियां स्थापित देवी प्रतिमाओं के साथ गंगा और सई नदी के घाटों किनारे बने विसर्जन कुंड तक पहुंची।
विसर्जन यात्रा में वाहनों पर मौजूद डीजे की धुन पर भक्त डांस करते हुए जोश के साथ जय माता दी के उद्घोष करते चल रहे थे। कई प्रतिमाओं का विसर्जन शारदा नहर के किनारे बनाए कुंडों में भी हुआ।
सबसे ज्यादा प्रतिमाओं का भू-विसर्जन राजघाट के पास हुआ। यहां पर सुबह से भू-विसर्जन का जो सिलसिला शुरू हुआ वह देर रात तक चलता रहा। इस दौरान घाटों पर सीओ सदर महिपाल पाठक, मिशन शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी रेखा सिंह, सदर कोतवाल अतुल सिंह पुलिस फोर्स के साथ सुरक्षा निगरानी को पूरे समय मुस्तैद रहे।
ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक सुबह से ही क्षेत्र में देवी प्रतिमाओं का भू-विसर्जन शुरू हुआ। वाहनों में मूर्तियां रख डीजे व ढोल नगाड़ों की धुन पर नाचते गाते भक्त क्षेत्र के गोकना घाट, पूरे तीर मजरे खरौली व कोटरा बहादुर गंज घाट पर पहुंचे। जहां पूजा अर्चना के साथ मां की प्रतिमाओं का भू विसर्जन किया गया। क्षेत्र के जमुनापुर चौराहा, कंदरावां, खरौली, पूरे कुशल, महिमापुर, होरैसा, गोकना, पूरे किसुनी, सवैया तिराहा आदि स्थानों की मूर्तियां घाट पर विसर्जित की गई।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के नवदुर्गा पूजा समिति साकेत नगर एवं दुर्गा पूजा समिति संतोषी मां तिराहा मेन चौराहा, नव दुर्गा पूजा समिति मधुकरपुर, बारा, धरई चौराहा, पूरे सधई मिश्र, पदुमपुर बारा समेत आदि स्थानों पर सजी दुर्गा की प्रतिमा का भू-विसर्जन सिटकहिया गांव के पास सई नदी के किनारे तैयार कुंड में हुआ।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के गंगा घाटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच भक्तों ने देवी प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया गया। इस दौरान एसडीएम अंशिका दीक्षित, कोतवाल पंकज त्रिपाठी मौजूद रहे। इसी तरह सरेनी, महराजगंज, बछरावां समेत अन्य क्षेत्रों में गाजे-बाजे के साथ भक्तों ने देवी प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया।