जिले में पटाखा बनाने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। ऐसे में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। जहां पर पटाखा बनाने का कार्य हो रहा है। उसकी चेकिंग नहीं कराई जा रही है।
यह हाल तब है, जब रविवार को लखनऊ में भीषण विस्फोट के साथ एक मकान उड़ गया था। इस घटना से अधिकारियों ने सबक नहीं लिया है।
जिले में 125 लोगों को पटाखा बनाने के लाइसेंस जारी किए गए हैं। दीपावली पर्व के मद्देनजर पटाखा बनाने का कार्य शुरू हो गया है। वैसे तो यहां पर अवैध पटाखा बनाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
लेकिन पटाखा बनाने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। बस्ती से दूर पटाखा बनाने का कार्य होना चाहिए। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं है। बस्ती और घर के अंदर चोरी-छिपे पटाखा बनाए जा रहे हैं।
ऐसे में थोड़ी सी चूक बड़ी घटना की सबब बन सकती है। जिले में पहले से ही 125 स्थायी लाइसेंस पटाखा बनाने के हैं। नए लाइसेंस के लिए किसी ने आवेदन नहीं किया है।
दीपावली पर्व एक पखवारा पहले ही पटाखा बनाने और बेचने के लिए दुकानदार अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं।