रायबरेली। बछरावां थाना क्षेत्र के शेषपुर समोधा गांव में करीब सात वर्ष पूर्व हुई आगजनी के मामले में दोष सिद्ध होने पर पति, पत्नी, पुत्र समेत चार अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। मंगलवार को दीवानी कचहरी स्थित एफटीसी तृतीय के अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर कहार ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए अभियुक्तों पर पांच-पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अवधेश कुमार पांडेय के मुताबिक मामले का परिवाद बछरावां थाना क्षेत्र के शेषपुर समोधा निवासी शिवशंकर ने कोर्ट में दाखिल किया था। परिवाद के अनुसार मकान कब्जे के विवाद को लेकर 24 दिसंबर 2014 की सुबह करीब आठ बजे गांव के ही रिश्तेदार जगदीश, माया, सूरज के साथ नंद किशोर ने श्यामू के घर के बरामदे में लगी टटिया में आग लगा दी थी, जिससे वहां रखा राशन व गृहस्थी का सामान जल गया था।
कोर्ट में जगदीश उर्फ नन्हई, उसकी पत्नी माया, पुत्र सूरज के अलावा नंदकिशोर के खिलाफ सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चारों को सजा सुनाई। मंगलवार को न्यायालय ने अभियुक्त जगदीश उर्फ नन्हई, उसकी पत्नी माया, पुत्र सूरज व नंदकिशोर को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष की सजा के साथ ही पांच-पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया।