बछरावां। सब्जी मंडी मोहल्ले में दो समुदाय के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद हालात सामान्य हो गए हैं। पुलिस की तैनाती अब भी है। मोहल्ले में रहने वाले लोगों के बीच नफरत की आग कैसे भड़की... इसकी वजह जानने के लिए पुलिस ने जांंच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो के जरिये पता लगा रही है कि आखिर में घटना वाले दिन क्या हुआ था। इसके लिए कौन जिम्मेदार रहा।
सब्जी मंडी मोहल्ले में गत बृहस्पतिवार को रंग खेलने के दौरान दो समुदाय में खूनी संघर्ष हो गया था। इसमें एक समुदाय के 11 लोग जख्मी हुए थे। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके शुक्रवार को पांच महिलाओं समेत 11 आरोपियों को जेल भेजा है। अन्य घटना मेंं शामिल आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।
पुलिस महकमे के सूत्रों का दावा है कि बछरावां कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल और उनके मातहतों की भूमिका की जांच कराई जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इस बवाल के लिए पुलिसकर्मियों की तरफ से कोई चूक तो नहीं हुई। सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार का कहना है कि दो समुदाय के बीच हुए विवाद के हर बिंदु की जांच शुरू करा दी गई है।
एक और आरोपी गिरफ्तार
दो समुदायों के बीच हुए बवाल के मामले में पुलिस ने शनिवार को नामदज आरोपी शीबू को गिरफ्तार किया। आरोपी को दीवानी कचहरी स्थित एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए उसे जेल भेज दिया। इस मामले में अब कुल 12 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित
हसनगंज गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता हरिओम चतुर्वेदी को जानमाल की धमकी देने वाले शातिर अपराधी सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। दरअसल, दो समुदायों के बीच हुए बवाल के बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था।
वीडियो में बवाल के बाद कोतवाली में प्रदर्शन करने वाले भाजपा कार्यकर्ता हरिओम चतुर्वेदी को बछरावां कस्बे के कमनी तालाब निवासी सलाउद्दीन जानमाल की धमकी दे रहा था। पुलिस ने देर रात प्राथमिकी दर्ज की थी। सीओ महराजगंज का कहना है कि सलाउद्दीन जिला बदर अपराधी है। उसके खिलाफ रंगदारी, मारपीट समेत 24 मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं।