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एम्स में 300 बेड का हॉस्पिटल शुरू, मिलेंगी विशेषज्ञ सेवाएं

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रायबरेली। जिले में लंबे समय बाद आखिरकार विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो गईं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शुक्रवार को निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने 300 बेड की क्षमता के अस्पताल का शुभारंभ किया। एम्स में मरीजों को भर्ती करके इलाज की सुविधा शुरू होने के बाद अब जिले के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों के गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिलेगी।
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शुभारंभ अवसर पर निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने कहा, इलाज के साथ ही जांच की ऐसी सुविधाएं लखनऊ के एसजीपीजीआई के अलावा किसी भी जिले में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि 300 बेड का अस्पताल शुरू हो रहा है। इसमें 150 बेड पर विभिन्न बीमारियों के मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। वहीं कोरोना की तीसरी लहर को संभावित मानकर 150 बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
प्रो. राजवंशी ने कहा कि एम्स के पास सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध हैं। सीधे-धीरे सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। मरीजों को सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सीय सेवाएं मुहैया कराई जाएगी। जांच से संबंधित सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस मौके पर डीन डॉ. नीरज कुमारी, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एसके सिंह, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव उपाध्याय, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुयश सिंह, कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज श्रीवास्तव, माइक्रो बायोलॉजी विभाग की इंचार्ज डॉ. शेफाली गुप्ता, रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला व प्रो. आरएस बेदी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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जल्द ही सर्जरी और कैंसर के मरीजों का होगा इलाज
रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि एम्स में 150 बेड के अस्पताल में गैर इमरजेंसी मरीजों को भर्ती करके इलाज की व्यवस्था की गई है। जल्द ही सर्जरी के साथ ही कैंसर रोगियों का इलाज शुरू होगा। हालांकि माइनर सर्जरी शुरू कराई गई है। ओपीडी या कहीं से रेफर होकर आने वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा। पहले दिन एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। जल्द ही मरीज भर्ती होने लगेंगे।
वार्डों में नर्सिंग स्टाफ से मिले निदेशक, दिए निर्देश
अस्पताल का शुभारंभ करने के बाद एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी, रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला आदि अधिकारियों ने वार्डों में पहुंचकर नर्सिंग स्टाफ से मिले और उन्हें भर्ती होने वाले मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के निर्देश दिए। एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं भी मरीजों के इलाज में सहयोग करेंगे, क्योंकि यहां इलाज के साथ ही मेडिकल की पढ़ाई भी होगी।
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