रायबरेली। एम्स में तैनात स्थायी हॉस्पिटल अटेंडेंट प्रशांत शर्मा (26) पर बृहस्पतिवार शाम जानलेवा हमला किया गया। कार सवार हमलावरों ने लोहे की रॉड व डंडों से उन्हें जमकर पीटा। इससे प्रशांत गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि मरीज का इलाज न करने पर दो मेडिकल स्टोरों पर कार्य करने वाले दो युवकों ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला किया था।
घटना को अंजाम देने आरोपी एसयूवी से आए थे। घायल को एम्स में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर एम्स के चिकित्सकों व स्टाफ में गहरी नाराजगी है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर हमला करने के दो आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित प्रशांत शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह एम्स में स्थायी हॉस्पिटल अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। बीती नौ जुलाई की शाम 5.15 बजे डयूटी समाप्त कर आवास जा रहे थे। एम्स गेट के पास मिश्रा मेडिकल व गोपाल मेडिकल पर कार्य करने वाले सलमान व भोलू ने चार साथियों के साथ उन्हें घेर लिया।
आरोपियों का कहना था कि वह दो दिन पहले ओपीडी में मरीज लेकर गए थे, जहां इलाज में देरी की गई। इसके बाद सभी ने लोहे की रॉड व डंडों से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे स्टाफ के लोगों को देख हमलावर भाग निकले। वहीं, यह भी चर्चा है कि निजी दुकान पर दवा लिखने की रंजिश को लेकर यह हमला हुआ है।
भदोखर थाना प्रभारी राकेशचंद्र आनंद ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर छह हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कुचरिया निवासी सलमान और मुंशीगंज निवासी भोलू को गिरफ्तार करने के बाद अन्य की तलाश की जा रही है।
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चंद कदम दूरी पर पुलिस चौकी, नहीं दिखा खौफ
घटनास्थल से एम्स पुलिस चौकी चंद कदम दूरी पर है। जिस तरह एम्स गेट पर हॉस्पिटल अटेंडेंट प्रशांत शर्मा पर हमला हुआ, उससे जाहिर है कि हमलावरों पर पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि एम्स में अराजकतत्वों का आना-जाना बना रहता है। एंबुलेंस एम्स के अंदर ले जाने तक खेल होता है। ऐसा करने वालों की पुलिस न तो निगरानी करती है और न ही उन पर कार्रवाई करती है। घटना से एम्स के चिकित्सकों व स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा हो गया है।