चालू नहीं हो रहा टीबी सेंटर-पोस्टमार्टम हाउस
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शहरी क्षेत्र में आवासीय जमीनों के आसमान छू रहे दामों से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से आशियाना दिलाने की पहल शुरू कर दी गई है। करीब सवा चार करोड़ की लागत से एमआईजी के आवास बनाए जाएंगे। इससे लोगों को विकसित क्षेत्र होने के साथ सुविधायुक्त आवास मिल सकेंगे। शनिवार को एक्सईएन एसके सिन्हा की देखरेख में टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आरडीए को शहर में विकसित कॉलोनियों के निर्माण और सौंदर्यीकरण कराना होता है। कॉलोनियों के दाम काफी महंगे होने के कारण कई बार लोगों की हसरत पूरी नहीं हो पाती है। वर्तमान में आरडीए की ओर से एकता विहार आवासीय योजना और अमोल विहार आवासीय योजना चलाई जा रही है। अमोल विहार आवासीय योजना में एमआईजी के 22 आवास बनाए जाने हैं। इसको लेकर पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस योजना के तहत आवंटी को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें सीवर से लेकर पेयजल तक की व्यवस्था रहेगी। योजना के तहत 128 वर्ग मीटर भूखंड में आवास तैयार होगा। इसमें दो कमरा, ड्राइंगरूम के साथ किचन, बाथरूम आदि सुविधाए होंगी। इस आवासीय नीति से शहरी क्षेत्र में रहने का मंसूबा संजोए लोगों को आशियाना पाने का सपना साकार हो सकेगा।
फ्लैट निर्माण प्रक्रिया में भी आएगी तेजी
अमोल विहार में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त फ्लैट का निर्माण चल रहा है। बीते काफी समय निर्माण प्रक्रिया में तेजी नहीं आ रही है। इसको लेकर कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद से फ्लैट निर्माण में तेजी आने लगी है। जल्द ही यह प्रोजेक्ट भी पूरा होने आसार है। इनकी कीमत 30 से 35 लाख रुपये तक निर्धारित है।
अमोल विहार में 22 आवास बनने हैं। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवास के लिए 16 लोगों ने पंजीकरण भी करा लिया है। एक मंजिल निर्माण आरडीए की ओर से होगा। बाकी दोे मंजिल निर्माण आवंटी करा सकता है। -ओपी राय, उपाध्यक्ष आरडीए