रायबरेली। टीके से वंचित बच्चों के संक्रमित होने का खतरा अधिक है। जनवरी में अब तक 20 बच्चे संक्रमित भी हो चुके हैं। यह अच्छी बात रही कि 15 बच्चे कोरोना से जंग जीत गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण से बच्चों को बचाने की ज्यादा जरूरत है। बिना चिकित्सकों की सलाह के उनको दवा न दें। लक्षण प्रतीत होते ही जांच कराएं। लापरवाही खतरनाक हो सकती है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि यदि बच्चे को तेज बुखार हो, सांस या पसली तेज चले, भूख न लगे तो बच्चे के संक्रमित होने की संभावना हो सकती है।
ऐसे में चिकित्सक से संपर्क करके जांच करवाना जरूरी है। यदि कोई बच्चा संक्रमित हो जाता है तो उसे होम आइसोलेशन में रखना है या अस्पताल में भर्ती कराना है। इसका फैसला डॉक्टर की सलाह पर ही लें। बच्चों को 100 डिग्री से ज्यादा बुखार हो तो अस्पताल ले जाएं।
हल्की खांसी, जुकाम, बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह पर पैरासिटामॉल दे सकते हैं। बच्चे को रोजाना संतुलित आहार दें। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि मां को कोविड का टीका लगा है, और बच्चे को स्तनपान करा रही है, तो कुछ एंटीबॉडी नवजात को अपने दूध के माध्यम से पहुंचाती है। यदि मां संक्रमित है तो भी वह बच्चे को स्तनपान अवश्य कराएं। स्तनपान कराते समय मास्क का प्रयोग करें और हाथों को जरूर साफ रखें।