पैसे के लिए चार दोस्तों ने दुकानदार को अगवा करके दर्दनाक मौत दी। हत्या करके शव लखनऊ में फेंक दिया। पूछताछ में आरोपियों ने सच्चाई उगली। इसे सुनकर घरवालों की रूह कांप गई।
यूपी के रायबरेली में फिरौती की खातिर चार दोस्तों ने एक कबाड़ी दुकानदार की हत्या करके शव को लखनऊ में फेंक दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि दोस्तों ने फिरौती के नाम पर चार लाख रुपये मांगे थे। परिजनों के 50 हजार रुपये देने के बाद भी दुकानदार की हत्या कर दी।
विज्ञापन
मंगलवार को पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए चारों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 47 हजार 500 रुपये भी बरामद किए गए हैं। रायबरेली शहर क्षेत्र के अंदरुन किला निवासी मन्ना (28) पुत्र जहीर की इंदिरा नगर में कबाड़ की दुकान थीं। सोमवार की सुबह लखनऊ के इंटौजा क्षेत्र में मुन्ना का शव पाया गया था।
पैसे लेकर पीजीआई गेट के पास बुलाया
रायबरेली शहर के कुम्हारन टोला अंदरुन किला निवासी अख्तर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके जीजा मन्ना को सोमवार को उनके दोस्त अवधेश यादव कबाड़ का सामान दिलाने के लिए लखनऊ ले गए हैं। देर रात जीजा ने दीदी को फोन करके कहा था कि परिवार के आदिल को 50 हजार रुपये लेकर पीजीआई गेट के पास भेज दो।
पीजीआई गेट के पास आदिल से दो अज्ञात लोगों ने पैसे ले लिए थे। इसके बाद जीजा ने जल्द घर आने की बात कही थी। जीजा घर नहीं आए और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। पुलिस ने अवधेश और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ फिरौती के लिए अपहरण का केस दर्ज किया था। घटना के खुलासे के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई थी।
जांच में असलियत सामने आ गई
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के मुताबिक घटना की जांच शुरू की गई तो असलियत सामने आ गई। मंगलवार की सुबह रायबरेली-लालगंज रोड स्थित कब्रिस्तान के पास से रायबरेली शहर के सत्य नगर निवासी शहजादे उर्फ बच्चा, राना नगर निवासी शोएब, महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के लालूपुर चौहान गांव निवासी अवधेश यादव, गदागंज थाना क्षेत्र के दीनशाहगौरा गांव निवासी जितेंद्र रावत को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को सच बता देगा... इसलिए मार दिया
एसपी के मुताबिक पूछताछ में अवधेश ने बताया कि उन्हें जानकारी थी कि मन्ना के पास पैसे हैं। इसलिए कबाड़ का सामान खरीदवाने के बहाने उसे लखनऊ ले गया। उसकी पत्नी से फिरौती के नाम पर चार लाख रुपये की मांग की। पत्नी ने चार लाख के बजाय 50 हजार रुपये देने की बात कही। पैसे मिलने के बाद भी डर था कि अगर मन्ना को छोड़ दिया तो वह पुलिस के पास जाकर सारा सच बता देगा। इसलिए उसे मार दिया। एसपी ने बताया कि चारों आरोपी दुकानदार के दोस्त हैं। अवधेश के खिलाफ चार आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं।
मफलर से गला कसकर की हत्या
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक आरोपी अवधेश मन्ना को अपनी ही चार पहिया गाड़ी से लखनऊ ले गया था। फिरौती का पैसा मिलने के बाद अवधेश ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मन्ना का मफलर से गला कसकर मार दिया। इसके बाद चार पहिया वाहन से शव ले जाकर इटौंजा के पास फेंक दिया।
साले ने अवधेश पर जीजा के अपहरण करने का शक जताया। इस पर अवधेश को पकडक़र पूछताछ शुरू की गई। सर्विलांस के जरिए अवधेश के लखनऊ में होने की जानकारी भी मिली। कड़ाई से पूछताछ करने पर अवधेश ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। एएसपी के मुताबिक लखनऊ पुलिस के सोशल मीडिया पर दुकानदार का शव वायरल किया गया था। इसके जरिए शव की पहचान कराई गई।
पुलिस की मानें तो पैसे की खातिर अवधेश की नियत बदल गई। पैसे की खातिर उसने दोस्त मन्ना के पहले अपहरण की साजिश रची और बाद में फंसने के डर से उसकी हत्या भी कर दी। पुलिस ने घटना का खुलासा किया तो हर कोई हैरान हो गया। खासकर मन्ना के परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। साथ ही उन्हें इस बात का यकीन नहीं हो रहा है कि अवधेश ही मन्ना की हत्या कर देगा। अवधेश मन्ना का जिगरी दोस्त थे। मन्ना रायबरेली शहर का बड़ा कबाड़ी दुकानदार था।