रायबरेली। नगर पालिका और नगर निकायों में छतविहीनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रों को इंतजार करना पड़ रहा है। अब तक जांच में चार हजार लोग पात्र पाए गए, लेकिन किसी को भी आवास बनाने के लिए पहली किस्त नहीं मिली है। इससे लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) से शहरी क्षेत्र के पात्रों को प्रधानमंत्री आवास की सुविधा मिलती है। इस साल आवास के लिए 15 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया। अब तक नौ हजार आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें चार हजार लोग आवास के लिए पात्र मिले हैं। पात्रों की सूची को शासन को भेज दी गई है, लेकिन अब तक किसी को भी आवास की सुविधा नहीं मिल सकी है।
डूडा के परियोजना अधिकारी शशि कुमार महरोत्रा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में ऑनलाइन आवेदन करने वालों की पात्रता की जांच करके आवास देने का प्रयास किया जा रहा है। शासन की मंशा पर शहरी क्षेत्र में आवास के लिए आए आवेदनों की जांच कराई जा रही है। 15 हजार आवेदनों में नौ हजार आवेदनों की जांच हो चुकी है। छह हजार आवेदनों की जांच बाकी है। अब तक की जांच में चार हजार लोग पात्र मिले है। जल्द ही शासन से सीधे लाभार्थियों के खातों में आवास बनाने के लिए किस्त आएगी।