डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु छूने को बेताब दिख रहा है। इससे कटरी क्षेत्र के सात गांवों के लोगों में दहशत है। इन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। धान समेत अन्य फसलें जलमग्न हैं। गंगा के घाट डूब गए हैं। घाटों की सीढि़यों व गंगा के किनारे बसे लोगों के मकानों तक पानी पहुंच गया है।
गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर और खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक बुधवार को चेतावनी बिंदु का सापेक्ष नदी का जलस्तर 97.342 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा पूरी तरह से उफान पर हैं। यही वजह है कि डलमऊ कस्बे के सड़क घाट, रानी शिवालाघाट, पक्काघाट, संकटमोचन घाट, पथवारीघाट, शुकुल घाट, महारीवन घाट नदी के पानी से डूब गए हैं। घाटों के किनारे बसे मकानों के पास से होकर पानी बह रहा है। घाटों के डूबने से लोग दहशत में हैं।
नदी के बढ़ते जलस्तर से कटरी क्षेत्र के जमाल नगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी व अन्य गांव के लोग परेशान हैं। ग्रामीण साजन यादव, सघन तिवारी, शिव प्रकाश, बबलू द्विवेदी, सुरेंद्र कुमार, जयशंकर, महादेव कहते हैं कि गांव के बाहर धान, तिल आदि की फसलों की बोआई की थी। पानी से फसलें जलमग्न हैं।
पशुओं के लिए खेत में तैयार चारा तक डूब गया है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से की गई तैयारियां नहीं दिख रही हैं। पशुओं के लिए चारे तक व्यवस्था नहीं की गई है। एसडीएम डलमऊ सत्येंद्र सिंह का कहना है कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। लेखपालों की तैनाती की गई है। अभी बाढ़ जैसे स्थिति नहीं है।