रायबरेली। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुशल पाल ने 15 साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया। जानलेवा हमले के सभी पांच आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है। वादी पक्ष आरोपों को सिद्ध नहीं कर सका। गुरुबख्शगंज के पूरे लालजी मजरे सुल्तानपुर खेड़ा निवासी नवल किशोर ने थाने में एफआईआर दर्ज कराकर आरोप लगाया कि 18 नवंबर 2010 को वह दरवाजे पर बैठे थे।
तभी गांव के ही सुनील पाल ने अपने साथियों के साथ आकर पिटाई की व जान से मारने की नीयत से असलहे से फायर भी किया। विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए चार्जशीट कोर्ट में पेश की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष आरोप सिद्ध नहीं कर सका। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुशल पाल ने आरोपी सुनील पाल, राहुल, पवन तिवारी, सतीश सोनी, पुतारी को मामले में बरी करने का फैसला सुनाया है।