रायबरेली। अब ऊंचाहार और डलमऊ तहसील में भी फायर स्टेशन बनेंगे। ऐसा होने से इन तहसीलों की करीब पांच लाख आबादी को फायदा मिलेगा।
डलमऊ में जमीन की तलाश कर ली गई है, जबकि ऊंचाहार में जमीन तलाशी जा रही है। ऊंचाहार और डलमऊ तहसील में फायर स्टेेशन नहीं है।
यदि यहां आग लग जाए तो डलमऊ में जिला मुख्यालय या फिर लालगंज तहसील से दमकल के जवान आग बुझाने पहुंचते हैं। देरी होने से काफी नुकसान हो जाता है।
ऊंचाहार में आग की घटना होने पर सलोन फायर स्टेशन या फिर जिला मुख्यालय से दमकल के जवान मौके पर पहुंचते हैं।
दूरी होने के कारण जब तक दमकल के जवान पहुंचते हैं, तब तक कई घर जलकर राख हो जाते हैं। इसलिए अब इन तहसील क्षेत्रों में भी फायर स्टेशन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डलमऊ में मुराईबाग चौकी से कुछ आगे ऊंचाहार रोड पर फायर स्टेशन के लिए जमीन देखी गई है। ऊंचाहार में जमीन की तलाश की जा रही है। बजट मिलने पर जल्द फायर स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
महराजगंज में जल्द बनकर तैयार हो जाएगा फायर स्टेशन
महराजगंज क्षेत्र में फायर स्टेशन जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उम्मीद है कि नए साल में इसका लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिलने लगेगा।
मौजूदा समय में जिला मुख्यालय के अलावा लालगंज, बछरावां, सलोन में ही फायर स्टेशन हैं। महराजगंज, ऊंचाहार, डलमऊ में फायर स्टेशन बनने पर जिले में अग्निशमन केंद्रों की संख्या सात हो जाएगी।
ऊंचाहार और डलमऊ में फायर स्टेशन जल्द बनाया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। डलमऊ में फायर स्टेशन के लिए जमीन मिल गई है। ऊंचाहार में फायर स्टेशन के लिए जमीन की तलाश कराई जा रही है। इन दो तहसील क्षेत्रों में फायर स्टेेशन बनने से लोगों को लाभ मिल सकेगा। आग की घटनाएं जल्द काबू में की जा सकेंगी।
मनीराम सरोज, जिला अग्निशमन अधिकारी