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बुखार का बढ़ा प्रकोप, ओपीडी में आए 135 मरीज

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अस्पताल में लगी लाइन। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। बदलते मौसम के बीच जिले में वायरल का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में आए करीब 700 मरीजों में 135 लोग बुखार से पीड़ित मिले। वहीं वार्डों में भर्ती बुखार के 45 रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
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सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में भी बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। बुखार की दवाओं की कमी भी सामने आ गई है। साथ ही बुखार के रोगियों के इलाज के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त बंदोबस्त नहीं है। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड तैयार करवा दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल की ओपीडी में लगातार 100 से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। इससे हड़कंप मच गया है।
मौसम में बदलाव और बारिश व उमस भरी गर्मी में संक्रामक रोगों के साथ ही वायरल का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना के खतरे के बीच बुखार के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी होने से हड़कंप मच गया है।
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शुक्रवार को जिला अस्पताल में करीब 700 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इसमें 125 से अधिक रोगी बुखार से ग्रसित थे। वार्ड में बुखार के 45 से अधिक भर्ती मरीजों का इलाज हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में भी बुखार के रोगियों की संख्या में तेजी आई है।
सीएचसी में आने वाले आधे से अधिक मरीज बुखार से ग्रसित हैं। बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पतालों में दवाओं की किल्लत बढ़ गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में दवाओं की कमी नहीं है, लेकिन पैरासीटामॉल टैबलेट की समस्या बढ़ गई है।
वायरल है, कोरोना नहीं, लेकिन एहतियात बरतें : बीरबल
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीरबल का कहना है कि इस सीजन में वायरल का खतरा बढ़ जाता है। लोग वायरल होने पर कोरोना के बारे में सोच कर डर जाते हैं डरे नहीं, एहतियात बरतें। बुखार के लक्षण होने पर कोरोना का टेस्ट जरूर कराएं। समय से जांच हो जाने से मरीज स्वस्थ हो सकता है। लोग संक्रामक बीमारी से बचने का पूरा प्रयास करें।
आठ माह में 200 जांचें, महज चार डेंगू पीड़ित मिले
जिले में पिछले आठ महीने में डेंगू की जांच के लिए 200 से अधिक लोगों के सैंपल की जांच की गई, जिसमें महज चार लोग ही डेंगू से ग्रसित मिले। हालांकि सभी मरीज स्वस्थ हैं। चारों डेंगू रोगियों ने केजीएमयू लखनऊ में जांच कराई थी। जिला मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव का कहना है कि वर्ष 2019 में जिले में 16 डेंगू रोगी मिले थे। 2020 में 23 और इस साल आठ माह में महज चार रोगी मिले हैं। मच्छरों के लार्वा की जांच के दौरान 53 लोगों को अब तक नोटिस दिया गया है। डेंगू पर काबू रखने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।
वायरल के साथ ही डेंगू का भी खतरा है। मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त हैं। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच उपलब्ध है। लक्षण वाले मरीजों को चिह्नित करने के लिए सात सितंबर से विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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