जायस (रायबरेली)। अमेठी जिले में बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर शनिवार को जायस क्षेत्र के गांधी नगर कस्बा स्थित ऐंधी टोल प्लाजा को किसानों ने घेरने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने की काफी कोशिश की लेकिन किसान पीछे हटने को तैयार ही नहीं हुए और हाईवे पर ही रास्ता रोककर बैठ गए। इस पर पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी और प्रमुख पदाधिकारियों समेत 30 किसानों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में इन सभी को छोड़ दिया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अमेठी के संयुक्त किसान मोर्चा ने भी हुंकार भरी और ऐंधी टोल को घेरने का प्रयास किया। इससे पहले कि किसान पहुंच पाते, पुलिस और प्रशासन ने टोल प्लाजा को अपनी सुरक्षा में ले लिया। जायस कोतवाली के साथ ही फुरसतगंज, जामो व मोहनगंज समेत 10 थानों की पुलिस और पीएसी मुस्तैद हो गई।
हालात पर नियंत्रण के लिए अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव समेत उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी तथा कई अन्य अफसर तैनात हो गए। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने टोल प्लाजा के दोनों तरफ एक किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगा दी। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जैसे ही टोल प्लाजा की तरफ पहुंचने लगे, पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया।
पुलिस के बल प्रयोग से गुस्साए किसान नेता सड़क पर ही बैठ गए और काले कानून वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने किसानों को सड़क से हटाने का प्रयास किया लेकिन किसान डटे रहे। आखिरकार पुलिस ने धरना-प्रदर्शन खत्म कराने के लिए किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया और वाहनों में बैठाकर घरों को भेज दिया।
इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी रमेश कुमार मिश्रा, लालबिहारी पांडेय, कमला प्रसाद, शिव कुमार पांडेय, धनंजय पांडेय, उमेश प्रसाद पांडेय व संजय कुमार आदि मौजूद रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने ऐलान किया है कि 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मैनेजर, टोल प्लाजा संजीव गुप्ता ने बताया कि किसानों ने टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस पहले से मुस्तैद रही। इससे टोल प्लाजा पर किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। वाहनों का आवागमन भी अवरुद्ध नहीं होने पाया। आम दिनों की तरह टोल टैक्स की वसूली होती रही जिसमें कोई कमी नहीं हुई।
अमेठी के एएसपी दयाराम सरोज ने बताया कि टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर रहे 30 किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया जिन्हें टोल प्लाजा से दूर ले जाकर छोड़ दिया गया। सभी को घर लौट जाने को कहा गया। टोल प्लाजा पर प्रदर्शन को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। आवागमन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।