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कस्तूरबा में फर्जी नियुक्ति मामले में जिला समन्वयक को हटाने का आदेश

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रायबरेली। करीब नौ महीने पहले उजागर हुए कस्तूरबा में नियुक्त शिक्षिका अनामिका शुक्ला का प्रकरण फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रदेश के कई जिलों की तरह बछरावां स्थित कस्तूरबा विद्यालय में भी अनामिका शुक्ला तैनात थी जिसके खिलाफ मार्च में मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई और फिर उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी।
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अब इस प्रकरण में जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) को हटाने का आदेश दिया गया है। राज्य परियोजना निदेशक ने तत्काल प्रभाव से उन्हें मूल विभाग में भेजने को कहा है।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अस्थायी रूप से सृजित जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनात अनिल कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से मूल विभाग माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड में प्रत्यावर्तित किया जाता है।
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निदेशक ने कहा है कि तथाकथित अनामिका शुक्ला के आवेदन पत्र में इंगित कमियों, संबंधित से पत्र व्यवहार में शिथिलता बरतने तथा अभिलेखों का सत्यापन कराए बिना दो लाख 58 हजार 298 रुपये मानदेय का भुगतान किए जाने, संपूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया में बिना मूल अभिलेखों को प्राप्त किए ही नियुक्ति पत्र निर्गत करने के संबंध में अनियमितता और लापरवाही बरती गई है।
राज्य परियोजना निदेशक ने अनिल कुमार तिवारी को निर्देशित किया है कि अपने पटल से संबंधित समस्त कार्यों का प्रभार बीएसए को हस्तगत कराते हुए मूल विभाग माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड में योगदान देना सुनिश्चित करें। शिक्षा निदेशक उत्तराखंड को भेजे पत्र में अनिल कुमार तिवारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही करने की बात भी कही है।
इसके अलावा बीएसए रायबरेली को निर्देश दिया है कि वह जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) को कार्यमुक्त करने से पहले समस्त अभिलेख हस्तगत करा लें। साथ ही कोई वित्तीय देयता या किसी क्षति का दायित्व है तो वसूली भी करा लें।
बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि अनामिका शुक्ला प्रकरण में राज्य परियोजना निदेशक ने जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) अनिल कुमार त्रिपाठी को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है। जब से आदेश आया है, डीसी मेडिकल लगाकर चले गए हैं। उन्हें कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। उनका कार्यभार किसी दूसरे जिला समन्वयक को देने के निर्देश सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को दिए गए हैं।
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