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Raebareli News: बेमौसम बारिश से किसान बेहाल

Fri, 11 Apr 2025 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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हलोर क्षेत्र में हुई बारिश से भीगी फसल को बाहर रखते किसान। - फोटो : संवाद
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रायबरेली। मौसम का मिजाज बदलने के साथ बृहस्पतिवार को किसानों पर आफत आ गई। तेज हवा और बारिश से खेतों पर कटा पड़ा गेहूं भीग गया। कई जगहों पर खेतों में पानी भर गया। सरेनी में 15 मिनट ओले गिरे। दोपहर बाद धूप निकलने से राहत मिली। मौसम में बदलाव से गर्मी का असर कम हुआ है। कृषि विभाग का कहना है कि जिन जगहों पर ओले गिरे हैं, वहां का सर्वे कराया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे मौसम ने करवट ली। आसमान काले बादलों से ढक गया। इसके साथ ही तेज हवा चली, जिससे खेतों में कटी पड़ी गेहूं की बालियों को सहेजने में किसानों को मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश होती रही। सुबह 9 बजे से बारिश हुई जो दस बजे तक होती रही।

शहर के साथ डलमऊ, सरेनी, ऊंचाहार, लालगंज, सलोन, महराजगंज, बछरावां में भी बारिश हुई। सुबह 11 बजे के बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होना शुरू हुआ। सरेनी के भोजपुर में सुबह सुबह नौ बजे तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में कटी पड़ी फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं के गट्ठर भीग गए। जो फसल खड़ी थी, वह ओलावृष्टि से खेत में बिछ गई।
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करीब दो सेमी व्यास की ओलावृष्टि हुई है। सतावं में भी बारिश हुई। पूरे बैसन गांव निवासी किसान अनिल कुमार का कहना है कि जो गेहूं की फसल मशीन से कट गई है, उससे भूसा बनवाने में बड़ी समस्या होगी। उन्होंने बताया कि भूसा खराब भी हो सकता है। ठकुराइन खेड़ा के किसान अंकित सिंह का कहना है कि मजदूरी पर लोगों को बुलाकर गेहूं की कटाई कराई जाती है। फसल खेतों में पड़ी हुई है। बारिश होने तथा हवा तेज बंधी फसल तथा कटी पड़ी फसल इधर-उधर बिखर गई।

महराजगंज क्षेत्र के गांव चंदापुर, ज्योना, जनई, पहरावां, अशर्फाबाद, मुरैनी, टीसा, खानापुर, ताजुद्दीनपुर, अंदुपुर आदि गांव में बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई, जिससे फसल में अब नमी आ गई है। किसान राम प्रकाश शुक्ला, अमित शुक्ला, जय नारायण दीक्षित, रामकरण आदि ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन तक मौसम यदि ठीक रहा तो ही फसल की मड़ाई हो पाएगी। इसी तरह हलोर, नसीराबाद समेत अन्य जगहों पर बेमौसम बारिश से किसान परेशान रहे।


गिरा तापमान, गर्मी से राहत
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई। यह 37.7 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दिनों तापमान तेजी से बढ़ रहा था, जिस कारण असंतुलन कायम हुआ और हवा बदलने से मौसम बदला है। यदि पूर्व की तरह हवा चलती है तो बारिश की संभावना रहेगी।


किसानों की मदद के लिए कराया जाएगा सर्वे
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वाले किसानों की फसल का सर्वे कराया जाएगा। जिन किसानों की फसल ओलावृष्टि और खेत में पानी भरने से प्रभावित हुई है, वह 72 घंटे में बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दे सकते हैं। नजदीक के कृषि भंडार केंद्र पर भी जानकारी दी जा सकती है। खेतों में यदि खुले में भी गेहूं पड़ा है और बारिश से प्रभावित हुआ है तो उसके नुकसान का आकलन कराया जाएगा। गट्ठर में बंधे गेहूं का नुकसान फसल बीमा की श्रेणी से बाहर है।
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- अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
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