बछरावां थाना क्षेत्र के गोझवा मजरे शेषपुर समोधा गांव में रविवार को हाईटेंशन विद्युत लाइन में पाइप छूने से करंट से एक किसान की मौत हो गई, जबकि तीन श्रमिक झुलस गए। यह घटना उस समय हुई, जब किसान के खेत में बोरिंग की जा रही थी। घटना से काफी देर तक अफरातफरी मची रही। पुलिस ने झुलसे श्रमिकों को सीएचसी पहुंचाया। लिखापढ़ी के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गोझवा मजरे शेषपुर समोधा गांव निवासी फूलचंद्र गुप्ता अपने खेत में सुबह बोरिंग करा रहा था। गांव के ही महेश, सुशील, लाखन बोरिंग कर रहे थे। जहां पर बोरिंग हो रही थी, उसके ऊपर से 11 हजार हाईटेंशन लाइन गुजरी थी। इसी दौरान श्रमिकों ने पाइप उठाया तो वह बिजली की लाइन में छू गया। इससे पाइप में करंट आ गया। इससे तीनों श्रमिक उसी में चिपक गए। किसान फूलचंद्र ने उन्हें छुड़ाने का प्रयास किया तो वो भी करंट की चपेट में आ गया।
करंट से फूलचंद्र की मौत हो गई, जबकि महेश, सुशील, लाखन गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना पर परिवारीजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे और झुलसे श्रमिकों से घटना की बाबत जानकारी हासिल की। थानेदार अनिल सिंह ने झुलसे श्रमिकों को सीएचसी पहुंचाया। क्षेत्रीय विधायक रामनेरश रावत ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और पारिवारिक लाभ एवं हर संभव सरकारी मदद दिलाने की बात कही।
परिवारीजनों की मानें तो फूलचंद्र कहता था कि बोरिंग करा लेंगे तो खेती अच्छी होगी। सिंचाई न होने के कारण फसलों की सिंचाई के लिए पानी किराए पर लेना पड़ता था, लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। उसकी मौत से पिता घनश्याम गुप्ता के आंसू नहीं थम रहे हैं। फूलचंद की पत्नी ममता नौ माह के बेटे को लेकर बिलख रही है। ग्रामीण भी उसकी मौत से गमगीन हैं।