रायबरेली। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद रविवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बचत भवन में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ बैठक की। डीएम ने नेताओं को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए उनका अनुपालन कराने के लिए कहा। डीएम ने कहा कि इस बार चुनाव में प्रचार के दौरान एक साथ पांच वाहन ही चल सकेंगे। एक प्रत्याशी चुनाव में 40 लाख रुपये ही खर्च कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि नामांकन की वेबसाइट पर ऑनलाइन भरे जाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसे भरने के उपरांत प्रिंट निकाल कर नोटरी कर रिटर्निंग ऑफीसर के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। जमानत धनराशि ऑनलाइन जमा करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नामांकन के समय प्रत्याशी के साथ दो व्यक्ति अनुमन्य रहेगा। नामांकन के समय दो वाहनों का ही प्रयोग किया जा सकेगा। कोविड-19 मरीज को मतदान के दिन अंतिम एक घंटे में कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए मत डालने की अनुमति होगी। मतदेय स्थल के बाहर संबंधित बीएलओ एल्फाबेटिकल लोकेटर मतदाता सूूची के साथ मतदाताओं की सुविधा के लिए उपलब्ध रहेंगे। दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं एवं कोविड-19 संक्रमति मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से मत देने की सुविधा कराई जाएगी। इसका लाभ पाने के लिए वोटरों को जिले में अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर फार्म 12 डी पर अपने क्षेत्र से संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराना होगा। यह सुविधा वैकल्पिक है।
उन्होंने बताया कि ऐसे प्रत्याशी जिनका पूर्व में आपराधिक इतिहास है, वे अपने प्रचार अवधि के दौरान दिन अवसरों पर समाचार पत्रों इसकी सूचना प्रकाशित कराएंगे। आपराधिक प्रवृत्ति के प्रत्याशियों का विवरण राजनैतिक दल की वेबसाइट पर घोषित किया जाएगा। पीए सिस्टम अथवा लाउड स्पीकर लगे हुए वाहन का प्रयोग रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक वर्जित रहेगा। सभी मतदान अभिकर्ता अथवा मतगणना अभिकर्ता कोविड-19 की डबल डोज अवश्य लगवा लें।
सरकारी खर्चे से किसी भी प्रकार का नहीं होगा प्रचार-प्रसार
डीएम ने आचार संहिता के बारे में भी राजनीतिक दलों के नेताओं को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी तक किसी भी प्रकार की जनसभा, पदयात्रा, वाहन रैली अथवा धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित किया गया है। रात आठ बजे से सुबह आठ बजे के बीच में जनसभा एवं प्रचार प्रसार प्रतिबंधित है। घर-घर प्रचार-प्रसार में सुरक्षा कर्मी को छोड़कर अधिकतम पांच व्यक्ति ही प्रत्याशी समेत रहेंगे। किसी भी शासकीय वाहन का प्रयोग राजनैतिक दल एवं प्रत्याशी नहीं कर सकेंगे।
कोई भी मंत्री सरकारी भ्रमण नहीं करेगा। साथ ही सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रयोग भी नहीं करेगा। सरकारी खर्चे से किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा। जो सरकारी कार्य मौके पर चल रहा है, वह चलता रहेगा। यदि कार्यादेश जारी हुुआ और कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है तो वह कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार का शिलान्यास-लोकार्पण नहीं किया जाएगा।