रायबरेली/अमावां। मिल एरिया थाना क्षेत्र के रतंसीपुर गांव में शुक्रवार को खेत में पड़े तार की चपेट में आकर करंट लगने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि मासूम समेत दो लोग झुलस गए। घटना से लोगों में आक्रोश है।
पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते तार जोड़ दिए जाते तो यह हादसा न होता। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रतंसीपुर गांव निवासी बालकिशुन का पुत्र अंश (3) घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह जमीन पर टूटकर गिरे बिजली के तार के पास पहुंच गया। तार के संपर्क में आने से वह करंट की चपेट में आ गया।
अंश को तड़पते देख पास में खड़ा रामलखन बचाने दौड़ा तो वह भी चपेट में आ गया। रामलखन को तड़पते देख पड़ोस के गया प्रसाद ने बचाने का प्रयास किया और वह भी करंट की चपेट में आ गया।
आननफानन आसपास के लोगों ने करंट से झुलसे लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां रामलखन (55) को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। गया प्रसाद (65) व अंश का इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया।
पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं के प्रति लोगों में नाराजगी है। गांव के राम अभिलाख ने बताया कि एक सप्ताह से ज्यादा समय से तार टूटा पड़ा था। यदि समय रहते तार को जोड़वा दिया जाता तो यह घटना न होती।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह घटना हुई। पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाई जाए। बुजुर्ग की मौत से परिवारीजनों में रोना-पिटना मच गया। थानेदार आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि करंट लगने से बुजुर्ग की मौत हुई है। मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की गई। तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी।
मृतक ने ही गुरुवार को पेड़ की डाल काटी थी। एक डाल तार पर गिर गई थी। इस वजह से बिजली का तार टूट गया था। तार को बिजली के पोल में लपेटकर छोड़ दिया गया था। इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी।
विनोद कुमार, अवर अभियंता, बिजली उपकेंद्र, भुएमऊ