अकेले स्कूल संभाल रहे हैं अध्यापक
ऊंचाहार। प्राथमिक विद्यालय गंधपी में 54, प्राथमिक विद्यालय बांधा बैरी में 38, प्राथमिक विद्यालय सरायं बान में 45 बच्चे नामांकित हैं। तीनों स्कूलों में फरवरी में सहायक अध्यापकों के स्थानांतरण से सिर्फ एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं। प्राथमिक विद्यालय गंगागढ़ में प्रधानाध्यापक का निधन हो गया तो सहायक अध्यापक सतीश श्रीवास्तव अकेले ही स्कूल संभाल रहे हैं। यहां 70 बच्चे नामांकित हैं। प्राथमिक विद्यालय पूरे लल्लू पांडेय में अमर बहादुर अकेले ही अक्तूबर से 83 बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। बीईओ अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गैर जिलों से आए शिक्षकों की तैनाती होनी है, जिससे कमी दूर होगी।
दो-तीन साल से एकल हैं स्कूल
खीरों। प्राथमिक विद्यालय केतनापुर, चंदिकाबक्स खेड़ा, छत्ता का पुरवा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवगांव, खानपुर खुष्टी, खांडेपुर एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। केतनापुर में प्रधान शिक्षक के लगभग दो वर्ष पूर्व निधन से एकल चल रहा है। देवगांव का स्कूल तीन वर्ष पूर्व प्रधान शिक्षक के सेवानिवृत्त होने से एकल है। चंदिका बक्स खेड़ा, छत्ता का पुरवा, खानपुर खुष्टी, खांडेपुर में छह महीने पहले तबादले से विद्यालय एकल हुए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि तबादले में शिक्षक चले तो गए, लेकिन दूसरे जिलों से आए शिक्षकों को अब तक विद्यालय नहीं मिले हैं। इससे समस्या आ रही है।
एक शिक्षक के कंधे पर पूरी जिम्मेदारी
बछरावां। प्राथमिक विद्यालय बरचंदा में 27 बच्चे हैं और सहायक अध्यापक प्रियंका प्रजापति कार्यरत हैं। एक साल से विद्यालय एकल है। प्राइमरी स्कूल रामपुर खांडेखेड़ा में हेडमास्टर की मौत के बाद एकल हो गया है। सहायक अध्यापक अंकित कुमार 43 बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय गूजरपुर में 68 बच्चे हैं। सहायक अध्यापक के निधन से प्रधानाध्यापक कार्य कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय रघुनाथखेड़ा प्रथम, देवइया, दइजुआ खेड़ा, ठाकुरखेड़ा, मेहरबान खेड़ा, परीड़ा खुर्द में एक शिक्षक के साथ शिक्षामित्र की तैनाती है। बीईओ पद्म शेखर मौर्य का कहना है कि तबादले से कुछ स्कूल एकल हो गए हैं।
शिक्षामित्र के भरोसे चल रहा स्कूल
जगतपुर। प्राथमिक विद्यालय गौरा लखनी में 61 बच्चे हैं। यह स्कूल दो शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहा है। प्राथमिक विद्यालय नारायन भीट में 81, प्राथमिक विद्यालय मुतवल्लीपुर में 119, प्राथमिक विद्यालय सूबेदार धूता मे 75, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर मे 77, प्राथमिक विद्यालय पूरे त्रिलोक सिंह में 45, प्राथमिक विद्यालय चांदमऊ में 127, प्राथमिक विद्यालय विशुनदासपुर में 66, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिंघापुर भटौली में 66, प्राथमिक विद्यालय नवाबगंज 90 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन विद्यालय की जिम्मेदारी एक-एक शिक्षक के कंधों पर है। बीईओ राजेश राम ने बताया कि जल्दी ही समस्या दूर हो जाएगी।
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। आंकड़े बता रहे हैं कि जिले में परिषदीय विद्यालयों की हालत कैसी है। पिछड़े डेढ़ सालों में शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने, अंतरजनपदीय स्थानांतरण, कोरोना में मृत्यु की वजह से कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है।
स्थानांतरण में आए शिक्षकों के साथ ही नए शिक्षकों की नियुक्तियां भी हुईं, फिर भी कई स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। विद्यालयों में भले ही अभी भौतिक रूप से कक्षाएं नहीं चल रही हैं, लेकिन विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, सूचनाओं के आदान-प्रदान, ऑनलाइन शिक्षण कार्य तथा मोहल्ला क्लास प्रभावित है।
एकल विद्यालयों या शिक्षामित्र के भरोसे चल रहे स्कूलों का आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 150 से अधिक विद्यालय एकल हैं या फिर शिक्षामित्र के भरोसे चल रहे हैं। दूसरी तरफ 130 शिक्षक ऐसे हैं, जो बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगा रहे हैं। करीब छह महीने पहले 82 शिक्षक अंतरजनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण में आए थे और अभी हाल ही में 69 हजार रिक्त पदों के लिए हुई भर्ती में 48 शिक्षकों की नियुक्तियां हुई थीं, जिन्हें अब तक विद्यालय आवंटन नहीं हुआ है।
कितने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, इसकी सूची मानव संपदा पोर्टल से तैयार की जाएगी। उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलते ही पारस्परिक स्थानांतरण और नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। इससे एकल विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए