जिले में रविवार को एकाएक मौसम बदल गया। शहर में सुबह बदली रही। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन इसके बाद बदली छा गई। पूरे दिन आसमान में बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे। रविवार रात बारिश के साथ तेज हवा चली।
इससे जहां गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। यही नहीं जो फसल खेतों में कटी पड़ी थी, वह उड़कर दूसरी जगह पर जा गिरी। इससे जिले के करीब तीन लाख किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। वजह यह कि ज्यादातर किसानों की गेहूं की फसल खेतों में ही खड़ी है।
ऐसे में तेज बारिश होती है तो गेहूं की फसल बर्बाद हो सकती है। इसके अलावा शहर और डलमऊ, जगतपुर, राही, सतांव, खीरों समेत अन्य क्षेत्रों में फॉल्ट के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
रविवार सुबह अचानक मौसम में आए बदलाव ने गर्मी से परेशान आम जनता को राहत भले दी हो, लेकिन किसानों के अंदर डर पैदा कर दिया है। दिनभर बदली छाई रही। देर शाम शहरी क्षेत्र में बारिश हुई। इससे सड़कें भीग गई।
इसके अलावा देहात क्षेत्रों जगतपुर, ऊंचाहार, दीनशाहगौरा, डलमऊ, राही, सलोन, डीह आदि क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इसके कारण क्षेत्रीय किसान के चेहरे उतर गए। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल समेटने में जुट गए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में तीन लाख 85 हजार किसान हैं। यदि तेज बारिश हुई तो गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि अधिकारी सतीश पांडेय के मुताबिक बदला मौसम रबी की फसल के लिए ठीक नहीं है। सरसों की फसल भी प्रभावित हो सकती है।
जगतपुर क्षेत्र के खैरहनी पहाड़गढ़ के किसान रामदेव का कहना है कि उन्होंने इस बार तीन बीघे में गेहूं बोया था। ज्यादातर फसल खलिहान में लगी है। कुछ खेतों में खड़ी है। यदि तेज बारिश हुई तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
राही ब्लॉक क्षेत्र के खागीपुर सड़वा गांव के किसान उमेश त्रिवेदी का कहना है कि उन्होंने तीन बीघे में सरसों की फसल बोई थी। एक पखवारा तक धूप के बाद अगर तेज बारिश होती है तो उनकी सरसों की फलियां चिट सकती हैं और सारी फसल खेतों में गिर जाएगी, जिससे उन्हें नुकसान होगा।
यही कहना किसान दिनेश यादव, संतोष का भी है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी फुरसतगंज (इग्रुआ) के मौसम विभाग के अफसरों का मानना है कि जिस तरह अचानक मौसम में बदलाव हुआ है, उससे बारिश के पूरे आसार हैं। एक सप्ताह के अंदर तेज बारिश हो सकती है।