तहसील परिसर में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में उस समय लोग सकते में आ गये जब शिकायत लेकर पहुंची एक वृद्धा ने कहा डीएम साहब मैं मर चुकी हूं। मेरी पेंशन भी रोक दी गई है।
इस पर डीएम ने मौके पर ग्र्राम पंचायत अधिकारी को तलब कर वृद्धा को एक साल की पेंशन के रूप में 3600 रुपये नगद दिलवाए। गलत रिपोर्ट देने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया। डीएम के इस कार्य की सभी ने सराहना की।
डीएम सूर्यपाल गंगवार मंगलवार को डलमऊ में आयोजित तहसील दिवस में शिकायतें सुन रहे थे। इसी बीच डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के घोरवारा गांव की 80 वर्षीय बुद्धा देवी एक साल से पेंशन बंद होने की शिकायत लेकर डीएम के सामने पेश हुईं।
डीएम ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तत्काल मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी। डीएम ने कर्मचारी को भी मौके पर तलब कर लिया। समाज कल्याण के दस्तावेजों को चेक कराया गया तो एक साल पहले हुए सत्यापन में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमपाल ने वृद्धा को मृत दिखा दिया था।
जिसके कारण उसकी पेंशन रोक दी गई थी। मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमपाल से वृद्धा को एक साल की पेंशन के रूप में 3600 रुपये दिलवाए। डीएम के आदेश पर ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमपाल को निलंबित कर दिया गया है।
डीपीआरओ डॉ. संजय कुमार यादव ने बताया कि जीवित वृद्धा को मृत दिखाने जैसी गंभीर लापरवाही बरतने पर ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेम पाल को निलंबित कर दिया गया है।