फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजकीय पुस्तकालयों से अब ऑनलाइन मिलेंगी पुस्तकें

Tue, 17 May 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
विज्ञापन
books - फोटो : demo
विज्ञापन
राजकीय पुस्तकालयों ने ऑनलाइन पुस्तकें लेने व सदस्य बनने के लिए सोमवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने ई-लाइब्रेरी की टेस्ट लांचिंग की। उन्होंने कहा कि एनआईसी के माध्यम से प्रदेश के 71 जिले ई-लाइब्रेरी से जुड़ गए हैं।
विज्ञापन


सदस्यता ग्रहण करके ई-कार्ड हासिल करने वाले सदस्य ऑनलाइन किताबें व जानकारी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी में 70 हजार से अधिक पुस्तकें हैं। सभी पुस्तकों को ऑनलाइन कराने का काम चल रहा है।

प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार, डीआईओएस डॉ. विनय मोहन, प्रधानाचार्य शिवनारायण सोनी, देवेंद्र कुमार, शारदा प्रसाद श्रीवास्तव सदस्य बनें। सभी को ई-कार्ड दिया गया। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रदेश में इस बार टॉपरों को मिलने वाले लैपटॉप में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
विज्ञापन


लैपटॉप में पुस्तकालयों को लिंक रखा जाएगा। इसके लिए मैजेस की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने पुस्तकालयों के वातावरण को सक्रिय बनाने के लिए पुस्तकालय परिसर में कैफे कॉर्नर जैसे विकल्पों पर विचार के सुझाव भी दिए। इस मौके पर विशेष कार्याधिकारी पुस्तकालय शांत्वना तिवारी, विवेकानंद त्रिपाठी, अरविंद, उत्कर्ष आदि मौजूद रहे।

प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने बातचीत में कहा कि राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बेहतर पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसीलिए जून में शिक्षकों की भर्ती करके इस कमी को दूर कराया जाएगा। एक जुलाई से शुरू होने वाले शिक्षासत्र में राजकीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि राजकीय स्कूलों को अपग्रेड किया जा रहा है। सीबीएसई पैटर्न पर मंडल स्तर पर एक-एक स्कूल खोलकर पढ़ाई शुरू कराई गई है। 200 स्कूलों को क्लीन ग्रीन बनाया जाएगा। इसमें रायबरेली के जीआईसी व जीजीआईसी को इस बार सूची में शामिल किया गया है। हर साल सौ-सौ स्कूलों को इसमें शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें