रायबरेली। चोरी के मामले में जेल भेजे गए सराफ की मंगलवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जिला कारागार में अचानक हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बंदी की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फर्जी केस दर्ज कर जेल भेजा था। प्रकरण की जांच कराकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
प्रकाश नगर निवासी गुलाब सिंह (50) को चोरी के मामले में 25 मई को बछरावां पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मंगलवार रात अचानक गुलाब की हालत बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बंदी की मौत पर परिवारीजनों ने नाराजगी जताई। गुलाब की पत्नी आरती सिंह का कहना है कि बछरावां पुलिस ने उनके पति को फर्जी मामले में जेल भेजा था। उनका चोरी से कोई लेना देना नहीं था।
बेटी अल्पना सिंह ने भी पिता की मौत का जिम्मेदार बछरावां पुलिस को ठहराया। इस दौरान परिवारीजनों ने मांग की कि मामले की जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जेलर सत्य प्रकाश का कहना है कि बंदी बीमार था। बीमारी के चलते उसकी मौत हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
सीओ सदर वंदना सिंह का कहना है कि चोरी के मामले में सराफा व्यवसायी गुलाब सिंह को पिछले माह जेल भेजा गया था। वह बीमार चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदी की मौत की कोई वजह स्पष्ट नहीं हुई है। बिसरा सुरक्षित है। बिसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।