अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेरफेर पर पांच के खिलाफ मुकदमा
अमर उजाला असर
रिटायर्ड व वर्तमान में रहे एआरके देही, चपरासी व दो अन्य के खिलाफ कार्रवाई
दस्तावेज को खुरचकर नाम बदला, राजघराने की कोर्ट की जमीन के पन्ने भी किए गायब
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार के दस्तावेज को खुरचकर नाम बदलने और राजघराने की कोर्ट की जमीन के पन्ने गायब करने के मामले में दोषी पाए गए पांच कर्मचारियों के खिलाफ डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इनमें रिटायर्ड व मौजूदा एआरके देही, एक चपरासी व दो अन्य लोग शामिल हैं। एडीएम (प्रशासन) ने मुकदमा दर्ज कराकर राजस्व अभिलेखापाल को जवाब देने के आदेश दिए हैं। तबादले के बाद अब मुकदमा दर्ज होने से दोषियों में हड़कंप मच गया है।
अभिलेखागार के अभिलेखों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले की जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने की थी। एडीएम की जांच में अभिलेखागार के रिटायर्ड कर्मचारी व निवर्तमान एआरके देही नवल किशोर शुक्ला, मौजूदा एआरके देही कृष्ण बहादुर सिंह, चपरासी जफर आलम के अलावा आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी दोषी पाए गए। मामले में डीएम ने सलोन क्षेत्र के तीन गांवों प्यारेपुर, जौदहा और नुरुद्दीनपुर के अभिलेखों को सील कराकर कर्मचारियों को हटाने और मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश पर एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार ने एआरके देही कृष्ण बहादुर सिंह और चपरासी का तबादला करने के बाद जांच में दोषी पाए गए सभी पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इससे हड़कंप मच गया है।
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अभिलेखागार में अभिलेखों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले में दोषी पाए गए पांच लोगों के खिलाफ राजस्व अभिलेखापाल को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। सील किए गए दस्तावेजों की जल्द ही जांच शुरू कराई जाएगी। संबंधितों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
अमित कुमार, एडीएम (प्रशासन)