शस्त्र लाइसेंस में फर्जीवाडे़ व अन्य मनमानी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने 11,569 शस्त्र लाइसेंसों को पूरा ब्योरा ऑनलाइन कर दिया है। अब इन लाइसेंसों के बारे में देशभर में कहीं भी बैठकर डिटेल देखी जा सकता है। सभी शस्त्रधारकों को यूनिक आईडी भी दी गई है।
जिले में करीब 11919 शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन शस्त्र लाइसेंसों को ऑनलाइन करने का काम पांच महीने से चल रहा था। तीन महीने पहले ही काम पूरा होना था, लेकिन शासन ने तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया था।
इसमें करीब 350 शस्त्रधारकों की मौत हो गई है। इन शस्त्र धारकों के डाटा को डिलीट किया है। इन शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण भी नहीं हुआ है। 11,569 शस्त्रों के डाटा को ऑनलाइन कर दिया गया है। शस्त्रधारकों को यूनिक आईडी जारी की गई है। यूनिक नंबर को नेट पर कहीं भी डालकर शस्त्रधारक के संबंध में पूरी डिटेल देखी जा सकती है।
शस्त्रधारकों के पहचान के लिए उनके शस्त्र लाइसेंस को ऑनलाइन करके एक नंबर जनरेट किया गया है। यह नंबर सभी लाइसेंसों के लिए अलग-अलग जारी किया गया है। इस नंबर के माध्यम से कहीं भी शस्त्रधारक के संबंध में सत्यापन किया जा सकता है।
आने वाले समय में इसी नंबर के माध्यम ये शस्त्र लाइसेंसों का ऑनलाइन नवीनीकरण भी होगा। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि सभी शस्त्रलाइसेंसों को यूनिक आईडी जारी कराकर ऑनलाइन करा दिया गया है। अब कोई शस्त्र लाइसेंस पेंडिंग नहीं हैं। मृतकों के डाटा को डिलीट कराया गया है। उनके लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं हुआ है।