युवक की मौत से शनिवार को ग्रामीणों व परिवारीजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने परशदेपुर-नसीराबाद मार्ग पर मटियारा चौराहा के पास न सिर्फ जाम लगा दिया, बल्कि नसीराबाद पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यही नहीं थानेदार को हटाने की मांग की। आरोप था कि पिटाई से युवक की मौत हुई है, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। घंटों जाम लगा रहा, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में एसपी के निर्देश पर पुलिस पहुंची। सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
मामले में दो लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इससे चार घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका। इससे राहगीरों ने राहत की सांस ली। डीह थाना क्षेत्र के अटावां गांव निवासी पवन कुमार की बाइक साइकिल सवार से टकरा गई थी।
इससे कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी। घायल पवन की 3 जुलाई को मौत हो गई थी। परिवारीजन शुक्रवार को मामले की एफआईआर लिखाने थाने गए थे, लेकिन वहां उनकी एक नहीं सुनी गई।
इससे गुस्साए ग्रामीणों और परिवारीजनों ने शनिवार को परशदेपुर-नसीराबाद मार्ग पर मटियारा चौराहा के पास यातायात बैरियर, वाहन मार्ग पर खड़ा करके जाम लगा दिया। सभी हाथ में लाठी-डंडा लिए थे। सभी थानेदार को हटाने और मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।
जाम लगने से दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। मामला एसपी विनय यादव के पास पहुंचा तो उन्होंने सीओ सलोन को मौके पर भेजा। सीओ अवधेश पांडेय ने पहुंचकर ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और नसीराबाद थानेदार को रिपोर्ट लिखकर 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
सीओ के आदेश पर मृतक के भाई अजय कुमार की तहरीर पर शमशेर व मो. फारुख निवासी पूरे जीएन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद ही जाम हटा। करीब चार घंटे जाम लगने से मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी ने भी पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया।
परशदेपुर चौकी इंचार्ज राम अवतार कुर्सी पर आराम फरमाते रहे और जनता जाम से जूझती रही। युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। इससे आवागमन ठप हो गया था। स्कूली बच्चे तक जाम में फंसे थे। बार-बार चौकी इंचार्ज राम अवतार को सूचना दी जा रही थी, लेकिन एक घंटे तक वह मौके पर नहीं पहुंचे।
यही नहीं कोई पुलिस कर्मी नहीं दिखाई दिया। इससे लोग जाम के झाम में परेशान दिखे। मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने सीओ को मौके पर भेजा। इससे जाहिर है कि परशदेपुर चौकी पुलिस किस तरह मनमानी बरत रही है। सभी चौकी इंचार्ज के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।