शिवगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार रात सोते समय पुजारी और उसके पोते की बेरहमी से हत्या कर दी गई। ईंटों से कूंचकर और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर दोनों को मारा गया। सुबह वारदात की जानकारी से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारे लगा पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। साथ ही थानेदार को हटाने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे एसपी व एएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर सबको शांत कराया।
पुजारी के बेटे की तहरीर पर तीन हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वादी बेटे का आरोप है कि हमलावर बेटी की शादी जबरन कराना चाहते थे। इसके लिए जानमाल की धमकी दे रहे थे। तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पारा खुर्द निवासी लक्ष्मीकांत मिश्रा उर्फ शास्त्रीजी (62) पुत्र वासुदेव मिश्रा दुर्गा शक्तिपीठ पाराखुर्द में अपनी ही जमीन पर मंदिर बनाकर अपने पोते पोते निर्भयानंद मिश्रा (19) पुत्र सुधीर कुमार मिश्रा के साथ हवन-पूजन, भागवत कथा तथा पांडित्य कार्य करते थे।
दोनों लोग रात्रि में मंदिर में ही सोते थे। रविवार रात दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुबह परिवारीजन चाय लेकर मंदिर पहुंचे तो देखा दोनों के शव पड़े थे। इससे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। जानकारी होने पर शिवगढ़, बछरावां समेत चार थानों की फोर्स घटनास्थल पर पहुंच गई। ईंटों से कूंचकर व लोहे की रॉड से दोनों को मारा गया। एसपी गौरव सिंह, एएसपी शशिशेखर सिंह भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार और घटना की बाबत जानकारी ली।
इस दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही थानेदार को हटाने की मांग करने लगे। एसपी के समझाने पर मामला शांत हुआ। एसपी का कहना है कि मृतक पुजारी के बेटे सुधीर मिश्रा की तहरीर पर ललित दीक्षित, रजनीश उर्फ दीसू, जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी हसनपुर थाना बछरावां के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज कर लिया गया है। वादी का आरोप है कि आरोपी रजनीश, जितेंद्र अपने भाई ललित के साथ उसकी बेटी के साथ शादी कराना चाहते थे।
उसने बेटी की शादी दूसरी जगह कर दी थी। बावजूद जान से मारने की धमकी दिया करते थे। अन्य बिंदुओं पर भी जांच चल रही है। जल्द वारदात का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। डॉग स्क्वायड टीम भी गांव पहुंची। डॉग स्क्वायड ने अर्जुन मौर्या के खेत में पड़े बैग व मिठाई का डिब्बा देखा, जहां से कुत्ता गांव के डेढ़ सौ मीटर दूर महारानी मंदिर पर जाकर रुका। टीम का कहना था कि हत्या करने के बाद लोग यहां पर आकर रुके।
इसके बाद कुत्ता भी भ्रमित हो गया। अभी तो पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा हर एंगल से जांच की जा रही है। रात में भोजन करने के बाद 10.15 तक पोता निर्भयानंद अपने मामा कृष्णशंकर बाजपेयी से व्हाट्सअप पर चैटिंग भी कर रहा था, लेकिन मामा और माता-पिता को यह क्या मालूम था कि अगली सुबह निर्भया और शास्त्री जी बोलेंगे नहीं सिर्फ उनकी लाश मिलेगी। आशंका जताई जा रही है कि रात करीब 12 बजे के बाद मर्डर किया गया।
क्षेत्रीय विधायक रामनरेश रावत मौके पर पहुंचे और परिवारीजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी देवेंद्र पांडेय को मौके पर बुलाकर 5 लाख किसान दुर्घटना बीमा व 30 हजार पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने की आश्वासन देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से भी अनुदान के लिए पत्र लिखा जाएगा और जो भी उच्चस्तरीय शासन द्वारा मदद मिल सकती है ज्यादा से ज्यादा मदद दिलाने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इधर पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने भी मौके पर पहुंचकर 10 लाख मुआवजे की मांग की।