शहर के चर्चित निक्की हत्याकांड के नामजद आरोपी जेठ को भी पुलिस ने शनिवार को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। इस मामले में पति समेत दो आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। जबकि जेठ फरार चल रहा था।
जेठ की गिरफ्तारी न होने से सदर कोतवाली पुलिस का सक्रियता पर पर सवाल उठने लगते थे। पुलिस ने अपनी नाक बचाने के लिए तेजी दिखाई और आरोपी जेठ को दबोच लिया। उधर, विवेचना में अभी कई और अन्य आरोपियों के नाम सामने आने के आसार हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गुरुनानक नगर निवासी एवं व्यापारी रंजीत तनेजा की पत्नी देवेंद्र कौर उर्फ निक्की की 19 फरवरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसके पति रंजीत तनेजा और टिंवकल उर्फ देवेंद्र सिंह निवासी पुरानी सब्जी सदर कोतवाली को जेल भेज दिया गया था।
जबकि आखिरी आरोपी जेठ रघुवीर तनेजा फरार चल रहा था। पीड़ित परिवार ने जेठ की गिरफ्तारी न होने पर उच्चाधिकारियों के यहां फरियाद लगाई थी। मामला तूल पकड़ते देख पुलिस ने जेठ रघुवीर तनेजा को दबोच लिया।
घटना की पड़ताल कर रही पुलिस को इसमें अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस का मानना है कि तीन आरोपियों के अलावा कई और लोग शामिल थे, जिन्होंने घटना में सहयोग किया था। इसकी जांच की जा रही है।
पुख्ता सबूत मिलने पर इन आरोपियों के नाम विवेचना में बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी। सदर कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्रा का कहना है कि फरार जेठ रघुवीर तनेजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना चल रही है। इसमें अभी कई और नाम सामने आ सकते हैं।
सदर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही लापरवाही बरती। सूत्र बताते हैं कि जेठ की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर दबाव बढ़ रहा था। बताते है कि पुलिस ने आरोपी पक्ष से जेठ को सरेंडर कर देने की बात कही थी। इस पर आरोपी स्वयं कोतवाली पहुंच गया, इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेजा।
हालांकि पुलिस का दावा है कि उसे गिरफ्तार किया गया है। जलाया गया शव निक्की का था या नहीं, इसकी पुख्ता जानकारी के लिए पुलिस ने मृतका की मां का डीएनए टेस्ट कराया गया है। जांच के लिए रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है। पर अब तक डीएनए रिपोर्ट नहीं आ सकी है। इससे साफ नहीं हो पा रहा है कि जलाया गया शव निक्की का था या नहीं।