अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग हत्याकांड का मुद्दा विधानसभा में उठाए जाने के बाद आईजी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को सीओ की अगुवाई में लखनऊ से पहुंची पुलिस टीम ने वारदात स्थल से न सिर्फ सबूत जुटाए, बल्कि पूरा नक्शा बनाया।
रोहित के नाना-नानी से मुलाकात की और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की बाबत पूछताछ की। ग्राम प्रधान के घर पहुंचकर दरवाजे पर बने गोलियों के निशान देखे। थानेदार से अब तक हुई विवेचना के बारे में पूछताछ की। जांच के बाद टीम लौट गई। हालांकि टीम के सदस्यों ने मीडिया को कुछ भी बताने से साफ इंकार किया और कहा कि रिपोर्ट वे आईजी को सौंपेंगे।
आईजी ऑफिस लखनऊ में तैनात डिप्टी एसपी श्यामाकांत त्रिपाठी व प्रमोद सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार सुबह सबसे पहले वारदात स्थल पहुंची और मुआयना किया। टीम ने रास्ते से गुजर रहे लोगों से भी वारदात के बाबत पूछताछ की। टूटे बिजली के खंभे की जांच की। घटनास्थल का नक्शा बनाया।
इसके बाद टीम प्रधान रामश्री यादव के घर गई। दरवाजे पर बने गोलियों के निशान को देखा। वहां मौजूद सिपाहियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। प्रधान के घर पर कोई मौजूद नहीं था। सभी यादव महासभा के प्रदर्शन में गए हुए थे।
इसके बाद टीम पूरे झमनी गांव पहुंची और रोहित शुक्ला के नाना शिवमूर्ति तिवारी से परिवार की सुरक्षा के संबध में जानकारी ली। रोहित शुक्ला के आने-जाने व उसके परिवार, उसके रहन-सहन व चाल-चलन के बाबत पूछताछ की। टीम पूरे भुसई गांव में घटना के वादी देवेश शुक्ला की ससुराल गई।
वहांरोहित शुक्ला के निर्माणाधीन मकान को भी देखा। इसके बाद ऊंचाहार कोतवाल धनंजय सिंह से विवेचना के संबंध में जानकारी हासिल की। कोतवाल धनंजय सिंह ने बताया कि आईजी के निर्देश पर जांच टीम अप्टा गांव आई थी। टीम ने मौका मुआयना किया। प्रधान के घर देखने के बाद पूरे झमनी गांव गई और पूरे भुसई गांव में रोहित शुक्ला का मकान देखने के बाद लखनऊ लौट गई।