अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में शनिवार रात नलकूप की रखवाली करने गए एक किसान की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। सुबह वारदात की जानकारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव के ही तीन हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एक आरोपी की लड़की को मृतक का पोता भगा ले गया था। इसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया है।
छवैइया मजरे रमई गांव निवासी हरिसरन पांडेय (60) किसानी करता था। गांव से कुछ दूरी पर ही उसका नलकूप है। नलकूप की रखवाली के लिए वह रात में वहीं पर सोता था। रोज की तरह शनिवार रात भी नलकूप पर सो रहा था। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई।
रविवार सुबह देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिवारीजन नलकूप पर पहुंचे। हरिसरन को मृत अवस्था में देख परिवारीजन दंग रह गए। उसका गला अलग था। वारदात की जानकारी पर सीओ तिलोई मधुबन कुमार और थानेदार रामराघव सिंह फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
सीओ और थानेदार ने घटना की बाबत ग्रामीणों और परिवारीजनों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के पोते राजेश कुमार पांडेय ने गांव के ही रमेश तिवारी, विनोद कुमार और सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
इसमें से रमेश व सोनू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं तीसरे आरोपी विनोद की तलाश की जा रही है। थानेदार का कहना है कि वर्ष 2003 में मृृतक के पोता प्रदीप आरोपी विनोद की बहन को भगा ले गया था। इसी को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में वारदात की बात सामने आ रही है। दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।