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बुजुर्ग को डुबोकर मार डाला

Sun, 09 Oct 2016 11:54 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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हत्या - फोटो : getty images
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अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में शनिवार रात बुजुर्ग पूर्व कोटेदार को डुबोकर मार दिया गया। सुबह उनका शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की पड़ताल की। कोटे की दुकान की रंजिश में वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है।
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पुलिस ने मौजूदा कोटेदार समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी अमेठी हीरालाल और एएसपी टीएन त्रिपाठी ने घटनास्थल का जायजा लिया। एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए।

धनखरपुर मजरे पेड़ारा गांव निवासी बच्चूलाल (65) गांव के पूर्व कोटेदार थे। वह सेमरौता-हैदरगढ़ मार्ग के किनारे झोपड़ी बनाकर रहते थे। जबकि पूरा परिवार गांव के अंदर रहता था। रविवार सुबह झोपड़ी से कुछ दूरी स्थित पानी भरे गड्ढे में बच्चूलाल का नग्नावस्था में शव मिलने से दहशत फैल गई।
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सिर पानी में धंसा था, जबकि अन्य हिस्सा बाहर था। आरोप है कि पानी में डुबोकर बच्चूलाल को मौत के घाट उतारा गया। वारदात की जानकारी पर आसपास के लोगों का मजमा लग गया। थानेदार दिनेश यादव ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की तहकीकात की।

बताया जा रहा है कि कोटे की दुकान को लेकर बच्चूलाल की रंजिश चल रही थी। इसी वजह से उसकी हत्या की गई है। थानेदार दिनेश यादव का कहना है कि मृतक के बेटे दिनेश कुमार की तहरीर पर मौजूदा कोटेदार रामनरेश निवासी धनखरपुर और अनुरुद्ध सिंह व वासुदेव सिंह निवासी पेड़ारा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

नामजदों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बताते हैं कि अनियमितता बरतने पर छह माह पहले बच्लूलाल की कोटे की दुकान को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद कोटे की दुकान को दूसरे गांव से अटैच कर दिया गया था। अभी एक सप्ताह पहले ही मीटिंग कर नए कोटेदार का चुनाव कराया गया था। इसमें गांव के ही रामनरेश को कोटा मिला था।

जिनके कंधों पर दूसरोें को सुधारने की जिम्मेदारी है, वही खाकी वाले नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। क्षेत्र में पूर्व कोटेदार की हत्या की थाने के दरोगा मो. तारिक जांच करने पहुंचे थे। जांच करने के बजाय वह कुर्सी पर बैठकर सिगरेट का धुआं उड़ाते रहे।

यही नहीं पास में ही एक बैठा बुजुर्ग भी सिगरेट पी रहा था। जबकि सार्वजनिक स्थल पर धुम्रपान अपराध है। इससे जाहिर है कि पुलिस किस तरह मनमानी करती है। लोगों में इसको लेकर गुस्सा भी था, लेकिन दरोगा होने की वजह से कुछ कह नहीं पाए।
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