पांचों बेरोजगारों से दो-दो लाख रुपये वसूले गए। आरोप है कि क्षेत्र की दो सगी बहनें और उसका पिता ही नौकरी के नाम पर बेरोजगारों के साथ ठगी कर रहे है।
एसपी श्रीकांत सिंह ने मामला संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। सरेनी के रसूलपुर के रज्जन मिश्रा, निसगर के मिथलेश शुक्ला, कोड़रा के रामनरेश, कुटकुटी के कमलेश कुमार और खीरों के सेमरी चौराहा निवासी राजेश कुमार का आरोप है कि सरेनी के रानीखेड़ा गांव निवासी दो सगी बहनें और उनके पिता ने उन्हें सीआईएसएफ और सीआरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर दो-दो लाख रुपये लिए।
आज-कल करते एक साल का समय बीत गया, लेकिन नौकरी नहीं मिली। कई बार नौकरी की बात पूछी तो तीनों यही आश्वासन देते रहे कि जल्द नौकरी मिल जाएगी।
आरोप है कि सरेनी में थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़ितों ने एसपी का दरवाजा खटखटाया। मंगलवार को एसपी को पत्र देकर घटना की सारी जानकारी दी।
एसपी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सरेनी पुलिस को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पीड़ितों का आरोप है कि इससे पहले भी ये आरोपी कई लोगों को नौकरी के नाम पर ठग चुके हैं।
सरेनी थानेदार आरके सिंह का कहना है कि नौकरी के नाम पर ठगी किए जाने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही ठगी करने वालों पर रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी श्रीकांत सिंह ने कहा कि जिले में ठगी के जितने भी मामले सामने आते हैं, उनकी रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई कराई जाती है।
सरेनी थाना क्षेत्र में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को ठगी करने का मामला संज्ञान में आया है। इस मामले में जांच कर ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।