रायबरेली। सदर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने कानपुर व बांदा जिले के 12 शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो फरार हो गए। इनके पास से 25 लाख रुपये का एक ट्रक सामान बरामद किया गया है। पुलिस की मानें तो लुटेरों ने रायबरेली में हिंदुस्तान लिवर और उन्नाव में पतंजलि के गोदाम में लाखों रुपये की चोरी की थी। बरामद किए गए सामान में फेयर लवली, मंजन, डब साबुन, शैंपू, तेल शामिल हैं।
एसपी सुनील कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि पांच जनवरी को रायबरेली शहर के राना नगर स्थित हिंदुस्तान लिवर के गोदाम से लाखों रुपये की चोरी हो गई थी। पीड़ित अनिल कुमार की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगाई गई थी।
एएसपी शशिशेखर सिंह, सीओ सदर गोपीनाथ सोनी, कोतवाल अशोक सिंह, स्वाट टीम प्रभारी राकेश सिंह की टीम ने डलमऊ रोड पर दरीबा के पास से कानपुर और बांदा के 12 लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। यह सभी चोरी किया सामान बेचने के लिए रायबरेली से लखनऊ जा रहे थे।
एसपी ने बताया कि दो आरोपी फरार हो गए, जिनकी धरपकड़ के लिए तलाश की जा रही है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने उन्नाव जिले के शुक्लागंज रोड पर पतंजलि के गोदाम से भी चोरी की थी। रायबरेली और उन्नाव में हुई चोरी की घटनाओं में कुल 25 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। साथ ही 20200 रुपये भी बरामद किए गए।
दबोचे गए यह लुटेरे
एसपी ने बताया कि कानपुर जिले के राय पुरवा थाना क्षेत्र के कच्ची मड़इया राखी मंडी झकरकटी निवासी राजेश, चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर पीएसी मोड़ बाईपास निवासी अख्तर हुसैन, राजू उर्फ महताब, बाबू उर्फ अल्ताफ, सचेंडी थाना क्षेत्र के देबिन का पुरवा मजरे इटारा निवासी शिवनारायण, उदल उर्फ बबलू, कमलेश सिंह, सीढ़ी इकारा गनेशी का पुरवा निवासी संजय सिंह, देबिन का पुरवा निवासी नारेंद्र और बांदा जिले के सदर कोतवाली के बन्योटा निवासी पंकज गुप्ता, माता प्रसाद, हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि फतेहपुर जिले के नटट्ल और कानपुर नगर देहात निवासी नवल किशोर फरार हो गए।
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अपने निजी ट्रक से ले जाकर बेचते थे चोरी का सामान
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अख्तर हुसैन ने बताया कि वह गैंग का मुख्य लीडर है। हमने राजेश, नट्टल के साथ गोदाम में चोरी करने की योजना बनाई थी। हम लोग चोरी किया सामान बेचने के लिए लखनऊ जा रहे थे। हम लोग कानपुर देहात जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र और रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में चोरी के मामले में पहले जेल जा चुके हैं। रायबरेली, कानपुर के अलावा उन्नाव, फतेहपुर, लखनऊ, बाराबंकी में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। अपने निजी ट्रक से चोरी किया गया सामान बेचने जाते थे। इसका अलग से पांच हजार रुपये भाड़ा लेता था।