रायबरेली। गरीबों के राशन के घोटालेबाजों ने आधार लिंक प्रणाली और एनआईसी के सॉफ्टवेयर में सेंध लगा दी। मात्र नौ आधार नंबरों का बार-बार प्रयोग करके 927 यूनिट का राशन डकार लिया।
मात्र जुलाई महीने में घोटालेबाजों ने करीब 50 क्विंटल राशन का घोटाला किया है। शासन स्तर पर घोटाला पकड़ में आने के बाद शहर के छह कोटेदार व एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ सदर कोतवाली व मिल एरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। राशन घोटाले की नई तकनीक में शामिल कई और कोटेदारों पर भी एफआईआर हो सकती है।
घोटालेबाजों ने राशन डकारने का इस बार नया तरीका खोज निकाला। शहरी क्षेत्र में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से राशन वितरण शुरू होने के बाद आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से सेटिंग करके बार-बार आधार नंबर बदलकर गरीबों का राशन डकारा गया।
अकेले जुलाई महीने में ही करीब 50 क्विंटल राशन शहर के कोटेदारों ने डकार लिया। शासन स्तर पर रायबरेली समेत प्रदेश के 43 जिलों में आधार व सॉफ्टवेयर में सेंध लगाकर किया गया राशन घोटाला पकड़ा गया है।
खाद्य एवं रसद आयुक्त के आदेश पर सोमवार रात आपूर्ति निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने क्रय विक्रय सहकारी समिति दूरभाष नगर के कोटेदार चंद्रकिशोर पांडेय, आईटीआई पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के कोटेदार शैलेंद्र मिश्र व सदर कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर सुशील कुमार के खिलाफ मिल एरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
इसके अलावा आपूर्ति निरीक्षक पूजा सिंह ने सत्य नगर के कोटेदार संतोष सोनकर, कप्तान का पुरवा के कोटेदार राजकुमार, सत्य नगर के कोटेदार विष्णु कुमार शर्मा, झूलेलाल मंदिर के कोटेदार जयदीप राजपाल के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इस घोटाले में छह और कोटेदारों पर एफआईआर हो सकती है।