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नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों की ठगी

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नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी
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रायबरेली। शहर में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। छह बेरोजगारों ने सोमवार को कोतवाली में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।


इनमें से किसी से 12 हजार तो किसी से 15 हजार रुपये ठगी हुई है। वैसे तो ठगी का शिकार 30 से ज्यादा लोग हुए हैं, लेकिन अभी तक छह बेरोजगार ही सामने आए हैं।
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मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने कंपनी पर छापा मारा और वहां पर काम कर रहे दो कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।


इसमें एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। कुल मिलाकर करीब तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आ रहा है। कंपनी के कर्मचारियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।


शहर में बस स्टेशन की रहने वाली रिंकी मिश्रा, परशदेपुर निवासी अजीत निर्मल, डीह थाना क्षेत्र के बघौला निवासी आकांक्षा समेत छह बेरोजगारों ने सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से ठगी की शिकायत की।


आरोप लगाया कि, मनिका रोड पर स्मार्ट वैल्यू कंपनी खोली गई है। कंपनी में काम करने वाले लोगों ने तीन माह की ट्रेनिंग कराने के बाद दस से 15 हजार रुपये की नौकरी दिलाने की बात कही थी।


इसके एवज में हर व्यक्ति से 12 से 15 हजार रुपये जमा कराए गए थे। ट्रेनिंग पूरी कराने के बाद भी नौकरी नहीं दिलाई। जो रकम जमा कराई गई थी, वह भी नहीं लौटाई जा रही है। कंपनी ने 30 से ज्यादा लोगों से ठगी की है।


एसपी शिवहरि मीणा ने सदर कोतवाल को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज नारायण कुशवाहा ने कंपनी के दफ्तर में छापा मारकर वहां कार्यरत एक महिला समेत दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आए।


कोतवाल अशोक सिंह का कहना है कि, पीड़िता रिंकी मिश्रा की मां किरन मिश्रा की ओर से तहरीर मिली है। रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिए गए महिला व पुरुष कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। इसमें महिला कर्मचारी मुंशीगंज और पुरुष कर्मचारी तिलोई का रहने वाला है।
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स्मार्ट वैल्यू कंपनी का मालिक कौन है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। पीड़िता रिंकी मिश्रा का कहना है कि, कोई मालिक का नाम मुरली तो कोई छोटू बताता है। ऐसे में कंपनी का मालिक कौन है, इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस मालिक के नाम व पते के बारे में पड़ताल कर रही है।
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