गुंडागर्दी मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, 31 मई तक मांगे साक्ष्य
रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर 14 मई निगोहां थाना क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा से लेकर रायबरेली तक हुई आपराधिक वारदातों की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान रोकने की नीयत से की गई इस गुंडागर्दी के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश शासन ने दिए थे। डीएम नेहा शर्मा ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. राजेश कुमार प्रजापति को जांच सौंपी है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति इस मामले में 31 मई तक साक्ष्य उपलब्ध करा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पेश किए गये अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला पंचायत सभागार में 14 मई को बैठक और मतदान होना था।
जिला पंचायत सदस्यों को मतदान से रोकने के लिए हाईवे पर निगोहां स्थित टोल प्लाजा पर जिला पंचायत सदस्यों को पीटने और अगवा करने का प्रयास किया गया था। इस संबंध में सीसीटीवी में कैद वीडियो भी वायरल हुआ था।
इसके अलावा हरचंदपुर थाना क्षेत्र के कठवारा के पास भी सदर विधायक अदिति सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था। मामले में एमएलसी दिनेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह सहित कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. राजेश कुमार प्रजापति का कहना है कि 14 मई को हुई घटनाओं के संबंध में 31 मई तक साक्ष्य मांगे गये हैं। कोई भी व्यक्ति घटनाओं से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध करा सकता है। जल्द ही जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी जाएगी।